फिर भंग होगी इजरायल की संसद, खतरे में पीएम नेतन्याहू का राजनीतिक भविष्य

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तेल अवीव
इजरायल में राजनीतिक गतिरोध फिर गहरा गया है। सोमवार को इजरायल की संसद नेसेट को भंग किए जाने का प्रारंभिक प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया। इसके साथ ही देश में दो साल में चौथी बार आम चुनाव कराए जाने की संभावना पैदा हो गई है। वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का राजनीतिक भविष्य भी दांव पर लग गया है। उनके ऊपर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगे हैं और कई महीनों से तेल अवीव की सड़कों पर प्रदर्शन भी हो रहे हैं।

अगले सप्ताह भंग हो सकती है इजरायली संसद
इजरायली संसद नेसेट में पेश इस प्रस्ताव के पक्ष में 61 जबकि विरोध में 54 वोट पड़े। अगले सप्ताह की शुरुआत में अंतिम मतदान के बाद संसद को भंग किया जा सकता है, जिसके पश्चात मार्च या अप्रैल में इजरायल में फिर से चुनाव हो सकते हैं। अंतिम मतदान को टालने की कोशिशों के तहत आने वाले दिनों में सरकार में शामिल दोनों मुख्य दलों के बीच वार्ताएं हो सकती हैं। इस प्रस्ताव को नेसेट समिति की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके बाद इसपर दो बार और मतदान कराया जाएगा।

नेतन्याहू को समर्थन दे रही पार्टी ने भी छोड़ा साथ
प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू सरकार को समर्थन दे रही बेनी गैंट्ज की ब्लू एंड व्हाइट पार्टी ने सरकार भंग करने के समर्थन मतदान किया। पार्टी ने प्रधानमंत्री पर अपने कानूनी हितों को देश से ऊपर रखने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में नेतन्याहू पर धोखाधड़ी, विश्वासघात और रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। अगले महीने इस मामले की सुनवाई शुरू होने वाली है, जिसमें नेतन्याहू को पेश होना है।

इजरायल में कैसे होता है चुनाव
इजरायल की संसद नेसेट का चुनाव अनुपातिक मतदान प्रणाली के अंतर्गत होता है। जिसमें मतदाता को बैलेट पेपर पर प्रत्याशियों की जगह पार्टी को मतदान करना होता है। किसी भी पार्टी को नेसेट (संसद) में पहुंचने के लिए कुल मतदान में से न्यूनतम 3.25 फीसदी वोट पाना जरूरी है। यदि किसी पार्टी का वोट प्रतिशत 3.25 से कम होता है तो उसे संसद की कोई भी सीट नहीं मिलती है। पार्टियों को मिले मत प्रतिशत के अनुपात में उन्हें संसद की सीटें आवंटित कर दी जाती हैं। यह प्रक्रिया 28 दिनों के अंदर पूरी कर ली जाती है। इजरायल के इतिहास में कोई भी पार्टी आज तक पूर्ण बहुमत से सरकार नहीं बना पाई है।

जानिए इजरायल की संसद ‘नेसेट’ के बारे में
इजरायल की संसद को नेसेट कहा जाता है। नेसेट प्राचीन हिब्रू शब्द है जो यहूदी परंपरा के अनुसार 120 ऋषियों और पैगंबरों की एक विधानसभा थी। नेसेट के सदस्य का कार्यकाल चार साल का होता है। इसी के द्वारा इजरायल के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का चुनाव होता है। नेसेट में ही इजरायल का कानून बनता है। इसमें कुल 120 सदस्य होते हैं। यहां मतदान करने की न्यूनतम उम्र 18 साल है।



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