फिर रिया चक्रवर्ती के सपॉर्ट में आए अधीर रंजन चौधरी, कहा- वह राजनीतिक साजिश का हुई शिकार

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सुशांत सिंह राजपूत केस में एम्स की फरेंसिक टीम ने रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है और हत्या के ऐंगल को बाहर कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुशांत की मौत आत्महत्या करने से हुई है। इस पर तमाम लोगों के रिऐक्शंस आ रहे हैं। वहीं, एक बार फिर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी रिया चक्रवर्ती के सपॉर्ट में खड़े दिखाई दिए हैं। उन्होंने एम्स की फरेंसिक रिपोर्ट पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

‘बीजेपी की प्रोपेगेंडा टीम एम्स की फरेंसिक टीम पर लगा सकती आरोप’
अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘अब बीजेपी की प्रोपेगेंडा टीम एम्स की फरेंसिक टीम पर आरोप लगा सकती, जिसने आरोप लगाया है कि रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत की हत्या की साजिश रची थी। सुशांत जी की मौत से हम सभी दुखी हैं लेकिन एक महिला को आरोपित करके उनको झूठा सम्मान नहीं दिया जा सकता। मैंने पहले भी कहा कि रिया चक्रर्ती और उनको उत्पीड़न के बिना रिहा किया जाना चाहिए। वह राजनीतिक साजिश का शिकार हुई है।’

पहले भी रिया चक्रवर्ती के समर्थन में आ चुके अधीर रंजन चौधरी
इससे पहले अधीर रंजन चौधरी ने रिया चक्रवर्ती को ‘बंगाली ब्राह्मण महिला’ बताया था। उन्होंने रिया चक्रवर्ती के पिता को लेकर कहा था कि वह सेना के पूर्व अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने कई वर्षों तक देश की सेवा की लेकिन अब वह अपने दो बच्चों को न्याय नहीं दिला पा रहे हैं।

यह बोले थे एम्स के फरेंसिक हेड
बताते चलें कि एम्स के फरेंसिक हेड डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने बताया था, ‘यह पूरी तरह से फांसी लगाए जाने और आत्महत्या का मामला है। सुशांत की बॉडी पर फांसी के अलावा कोई अन्य चोट के निशान नहीं थे। बॉडी में कोई भी जहरीला या नशीला पदार्थ नहीं मिला है। गर्दन पर मिला पूरा निशान फांसी लगाने के कारण बना है।’

सुशांत की फैमिली के वकील का बयान
सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह के वकील विकास सिंह ने बताया कि एम्स रिपोर्ट फाइनल कनक्लूजन नहीं है। सीबीआई अभी भी अपनी चार्जशीट में हत्या का केस फाइल कर सकती है। एम्स ने अपनी रिपोर्ट फोटोग्राफिक इविडेंस के आधार पर बनाई है, जो उनको दिए गए थे। उन्होंने सुशांत की बॉडी को एग्जामिन नहीं किया है। उनके पास पैर का एक्स-रे नहीं था, जिसे फ्रैक्चर्ड बताया जा रहा है इसलिए यह रिपोर्ट कनक्लूजिव नहीं मानी जा सकती ज्यादा से ज्यादा इसे केस में सुबूत के तौर पर रखा जा सकता है।

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