फेसबुक लाया गजब का AI-बेस्ड टूल, 100 से ज्यादा भाषाओं में तुरंत ट्रांसलेशन

Spread the love


नई दिल्ली
सारी दुनिया को आपस में कनेक्ट करते वक्त लैंग्वेज बैरियर ना बने इसके लिए सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक की ओर से एक खास मशीन लर्निंग सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। फेसबुक का यह आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड मशीन लर्निंग सॉफ्टवेयर 100 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेट कर सकता है। बिना इंग्लिश की मदद लिए यह टूल सीधे एक भाषा को दूसरी भाषा में ट्रांसलेट कर देता है और कंपनी की मानें तो यह अपनी तरह का पहला सिस्टम है।

फेसबुक की ओर से ओपन-सोसर्स आर्टिफिशल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर बड़े सोशल नेटवर्क पर मौजूद यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस देने के लिए डिजाइन किया गया है। दुनिया भर के करोड़ों यूजर्स इस प्लैटफॉर्म पर 100 से ज्यादा भाषाओं में लिखते और कंटेंट शेयर करते हैं। फेसबुक ने अपने प्लैटफॉर्म पर 160 भाषाओं में बेहतर कंटेंट शेयर करने के लिए यह सॉफ्टवेयर तैयार किया है। रिसर्च असिस्टेंट एंजेला फैन ने कहा, ‘मशीन ट्रांसलेशन के मामले में फेसबुक AI के पिछले कई साल में मिली यह एक बड़ी उपलब्धि है।’

पढ़ें: केवल 5 आसान टिप्स, बढ़ जाएगी आपके फोन की बैटरी लाइफ

इस तरह करता है काम
फैन ने बताया कि नया मॉडल मौजूदा बाकी सिस्टम्स के मुकाबले कहीं बेहतर है क्योंकि यह अंग्रेजी पर निर्भर नहीं है। फैन ने अपने ब्लॉगपोस्ट में लिखा, ‘ट्रांसलेट करते वक्त ज्यादातर इंग्लिश सेंट्रिक मल्टीलिंगुअल मॉडल्स पहले किसी भाषा से इंग्लिश और फिर इंग्लिश से तीसरी भाषा में ट्रांसलेशन करते हैं क्योंकि इंग्लिश ट्रेंनिंग डेटा कहीं आसानी से और ज्यादा अवेलेबल है।’ उन्होंने बताया कि फेसबुक का मॉडल इंग्लिश की मदद ना लेने के चलते बेहतर मीनिंग समझ पाता है और सही ट्रांसलेट करता है।

पढ़ें: ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान हो रहा बड़ा स्कैम, सरकारी एजेंसी ने दी चेतावनी

रोज 20 अरब ट्रांसलेशन

फेसबुक का कहना है कि प्लैटफॉर्म पर न्यूज फीड में रोज औसतन 20 अरब ट्रांसलेशन किए जाते हैं और नए सिस्टम की मदद से इनमें बेहतर रिजल्ट्स दिए जा सकेंगे। फैन ने कहा, ‘मशीन ट्रांसलेशन की मदद से हम लैंग्वेज बैरियर खत्म कर रहे हैं और यह लोगों को एकदूसरे से जोड़ने और पास लाने का एक बेहतर और सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। उदाहरण के लिए इस तरह दुनियाभर के लोगों को कोविड-19 से जुड़ी जानकारी से लेकर नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट से बचना तक सिखाया जा सकता है।’



Source link

Previous Article
Next Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *