बच्चों के कंडिशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपीसीआर से मांगा जवाब

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नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के चिल्ड्रेन होम में रहने वाले बच्चों के कोरोना के समय प्रोटेक्शन को लेकर एनसीपीसीआर (नैशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स) को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। पिछले दिनों एनसीपीसीआर ने आठ राज्यों को लेटर लिखकर कहा था कि बच्चों को उनके घर पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी गई जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपीसीआर को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपीसीआर से उस पत्र को लेकर जवाब दाखिल करने को कहा है जिसमें एनसीपीसीआर ने 8 राज्यों को चिल्ड्रेन होम में रह रहे बच्चों को उनके परिवारों को सौंपना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इन आठ राज्यों के चिल्ड्रेन होम में 70 फीसदी बच्चे रहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर राव की अगुवाई वाली बेंच ने मामले में एनसीपीसीआर को जवाब दाखिल करने को कहा है और अगली सुनवाई के लिए 24 अक्टूबर की तारीख तय कर दी है। अदालत ने अडिशनल सॉलिसिटर जनरल एश्वर्य भाटी से कहा है कि वह इस मामले में कोर्ट को केंद्र सरकार से निर्देश लेकर अवगत कराएं। मामले में कोर्ट सलाहाकर गौरव अग्रवाल ने अदालत को बताया कि कोविड महामारी का प्रकोप अभी देश भर में जारी है ऐसे में एनसीपीसीआर को इस तरह का लेटर नहीं जारी करना चाहिए। कोरोना महामारी के मद्देनजर देश भर में चिल्ड्रेन होम में बच्चों की स्थिति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया था इसी मामले की सुनवाई चल रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के मद्देनजर चिल्ड्रेन होम की स्थिति पर संज्ञान लिया था और सुनवाई का फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने मामले में संज्ञान लेते हए गौरव अग्रवाल को कोर्ट सलाहकार बनाया था।



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