ब्रिटेन में लगने लगी कोरोना वायरस वैक्‍सीन, 90 साल की दादी को लगा पहला टीका

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दुनियाभर में लाखों लोगों की जान ले चुके कोरोना वायरस महामारी के खात्‍मे की शुरूआत हो गई है। ब्रिटेन ने कोरोना वायरस टीका लगाने की शुरूआत कर दी है और फाइजर कंपनी का पहला टीका 90 साल की दादी मार्गेट कीनन को लगाया गया है। दुनिया में मार्गेट पहली ऐसी शख्‍स हैं जिन्‍हें एक कोरोना वायरस का स्‍वीकृत किया गया टीका लगाया गया है। इसके साथ ही ब्रिटेन ने देश के इतिहास में सबसे बड़े वैक्‍सीन लगाने के अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अभियान में ब्रिटेन के 50 हॉस्पिटल शामिल हैं। वैक्‍सीन लगाने के दौरान बुजुर्गों, हॉस्पिटल के कर्मचारियों और केयर होम स्‍टाफ को प्राथमिकता दी जा रही है।

जन्‍मदिन से ठीक पहले दादी को टीके का ग‍िफ्ट

मार्गेट कीनन को मंगलवार सुबह करीब 6.30 बजे फाइजर कंपनी का कोरोना वायरस का टीका लगाया गया। मार्गेट अगले सप्‍ताह 91 साल की होने जा रही हैं और उनके जन्‍मदिन से ठीक पहले उन्‍हें यह गिफ्ट मिला है। नीले रंग का ‘मेरी क्रिसमस’ टी शर्ट पहनी मार्गेट को उनके दोस्‍त मैगी के नाम से भी बुलाते हैं। मार्गेट को यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल कोवेंट्री एंड वारविकशायर में यह टीका लगाया गया। टीका लगाए जाते समय मार्गेट मुस्‍करा रही थीं। मार्गेट पहले जूलरी की दुकान पर सहायक का काम कर चुकी हैं और 4 साल पहले ही रिटायर हुई हैं। उनकी एक बेटी, एक बेटा और चार नाती हैं।

मार्गेट को टीका लगवाते देख रो पड़े स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री

कोरोना वायरस का टीका लगवाने के बाद मार्गेट ने कहा, ‘मैं सबसे पहले कोरोना वायरस का टीका लगवाकर बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। यह मेरे लिए बर्थडे से पहले सबसे अच्‍छा गिफ्ट है। इसका मतलब है कि अब मैं अपने परिवार और दोस्‍तों के साथ आसानी से नया साल मना सकूंगी।’ मार्गेट ने डॉक्‍टरों को धन्‍यवाद दिया। मेरी लोगों को सलाह है कि वे कोरोना वायरस वैक्‍सीन जरूर लगवाएं। टीका लगवान के बाद मार्गेट बहुत ही शांत नजर आईं। उधर, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मैट हैंकाक ने कहा कि जब उन्‍होंने मार्गेट को कोरोना का टीका लगवाते देखा तो वह खुशी से रो पड़े। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि देश में कोरोना का टीकाकरण शुरू हो गया है।

ब्रिटेन में 8 लाख लोगों को लगेगा कोरोना का टीका

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इसके साथ ही Pfizer की कोरोना वायरस वैक्सीन की ब्रिटेन में 8 लाख लोगों को लगाने की शुरुआत हो गई है। वैक्सीन की खुराक इंजेक्शन के जरिए बांह के ऊपरी हिस्से में दी जाएगी। इसके 21 दिन बाद दूसरा शॉट दिया जाएगा। थोड़ी इम्यूनिटी पहली खुराक के 12 दिन बाद और पूरी तरह से दूसरी खुराक के 7 दिन बाद मिल सकेगी। अभी तक के अनैलेसिस में पता चला है कि वैक्सीन से 95% लोगों को कोविड-19 से बचाया जा सका है। वहीं बुजुर्गों में इसका असर 94% लोगों पर रहा है। इससे मिलने वाली इम्यूनिटी कम से कम 6 महीने या उससे ज्यादा भी रह सकती है। वैक्सीन के ट्रायल में इसका कोई गंभीर साइड-इफेक्ट नहीं पाया गया है। कुछ लोगों में बाहों में दर्द, बुखार या मांसपेशियों में दर्द देखा गया लेकिन यह ज्यादा चिंताजनक नहीं रहा। ब्रिटेन में मेडिसिन्स ऐंड हेल्थकेयर प्रॉडक्ट्स रेग्युलेटरी एजेंसी किसी भी तरह के गंभीर असर को मॉनिटर कर रही है।



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