भारत की सीमा पर याक की खोज में भटका था चीनी सैनिक या जासूसी के लिए ड्रैगन की चाल?

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हाइलाइट्स:

  • याक की खोज में भटका चीनी सैनिक भारतीय सीमा में दाखिल
  • चीन ने भारत को दी आधिकारिक सूचना, मांगी तलाश में मदद
  • भारत ने सैनिक को खोजकर दी मेडिकल सहायता, ऑक्सिजन
  • रिपोर्ट्स में जताया गया है शक, याक की मदद से जासूस कर रहा चीन

पेइचिंग
पूर्वी लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारत और चीन के बीच सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति काफी वक्त से कायम है। इसके बावजूद भारतीय सेना मानवता के अपने कर्तव्य को कभी नहीं भूलती है। इसकी बानगी हाल ही में देखने को मिली जब सेना ने चीन के लापता सैनिक को ढूंढने के लिए मदद का वादा किया। उनके मिलने के बाद वापस चीन भेजने का वादा भी किया गया। हालांकि, इस घटना से चीन के खिलाफ एक बार फिर सीमा पर जासूस भेजने के सवाल खड़े होने लगे हैं।

चीन ने दी जानकारी
दरअसल, हाल ही में चीन का एक सैनिक भारत-चीन सीमा के पास लापता हो गया। इसे लेकर पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वेस्टर्न थिअटर कमांड ने बयान जारी किया। चीन के प्रॉपगैंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट कर जानकारी दी कि PLA का एक सैनिक चरवाहे की याक ढूंढने में मदद करते हुए रात को खो गया था। बयान में कहा गया है कि चीन ने फौरन इस बारे में भारत को सूचना दी। भारत ने खोए हुए सैनिक को ढूंढने और लौटाने में मदद की सहमति जताई है।

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क्या याक के जरिए जासूसी?
वहीं, दूसरी ओर यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या याक के जरिए चीन भारतीय क्षेत्र की जासूसी कर रहा है? मीडिया रिपोर्ट्स में यह संदेह जताया जा रहा है कि चीन जासूसी उपकरण लगाकर याक को भारतीय इलाके में भेजता है। इससे पहले भारतीय पक्ष ने पिछले दिनों मानवीयता का परिचय देते हुए 13 चीनी याक को वापस चीनी सीमा में भेज दिया। ये सभी अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग में 31 अगस्त को भटक गए थे। इन्हें करीब 7 भारतीय सेना की निगरानी में रखा गया था।


जानवरों का इस्तेमाल नया नहीं
ऐसा नहीं है कि केवल चीन ही जानवरों के जरिए जासूसी करता है। जानवरों के जरिए पूरी दुनिया में जासूसी का खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। पिछले साल ही नार्वे के तट पर एक बेलुगा वेल मछली को पकड़ा गया था। बेलुगा मछली के ऊपर इलेक्‍ट्रानिक उपकरण लगा हुआ था। माना जाता है कि यह बेलुगा मछली रूस के कैद से निकल भागी थी जहां उसे जासूसी का प्रशिक्षण दिया जा रहा था।

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भारत लौटाएगा सैनिक
कॉर्पोरल वॉन्ग या लॉन्ग को चुमार-डेमचोक इलाके में पकड़ा गया था। सेना ने बयान जारी कर बताया है कि मेडिकल सहायता, खाना, ऑक्सिजन और गर्म कपड़े भी मुहैया कराए। सेना का कहना है कि उन्हें औपचारिकताएं पूरी करने के बाद PLA को सौंप दिया जाएगा। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वॉन्ग के पास नागरिक और सैन्य दस्तावेज पाए गए थे।



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