भारत ही नहीं, ताइवान को भी जंग की धमकी दे रही चीनी मीडिया, बोली- आग से खेल रहा है US

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पेइचिंग
चीन की सरकारी मीडिया केवल भारत को ही नहीं, बल्कि ताइवान और अमेरिका को भी खुले तौर पर जंग की धमकी दे रही है। एक दिन पहले ही चीनी सेना के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने ताइवान के तट पर सैन्य अभ्यास शुरू किया है। चीन और ताइवान के संबंध हाल के दिनों में सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिकी उप विदेश मंत्री कीथ क्रैच की गुरुवार को ताइवान पहुंचने से चीन और भड़का हुआ है। शुक्रवार को ही चीन के 16 फाइटर जेट्स ने एक साथ ताइवानी सीमा में घुसपैठ की थी।

अमेरिका को आग से न खेलने की चेतावनी
चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि चीनी सेना के विमान चारों दिशाओं से ताइवान में घुस रहे हैं। हमारे देखने से चीन की कार्रवाई अभी संयमित है। हर बार अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी ताइवान का दौरा कर रहे हैं। यह चीन की वन चाइना पॉलिसी की खिलाफत है। अखबार ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए लिखा कि उसे आग से खेलना बंद कर देना चाहिए।

तो ताइवान के ऊपर से उड़ेंगे चीनी विमान?
जिनपिंग की पिट्ठू मीडिया ने धमकी देते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री या रक्षा सचिव ताइवान आते हैं तो चीन के फाइटर जेट उस द्वीप के ऊपर से उड़ान भरेंगे। जिन मिसाइलों का हमने परीक्षण किया है उन्हें भी ताइवान के ऊपर से उड़ान भरनी चाहिए। यहां तक कि ताइवानी राष्ट्रपति के ऑफिस के ऊपर से भी। यदि ताइवान के अधिकारी आक्रामक तरीके से काम करना जारी रखते हैं, तो ऐसे परिदृश्य निश्चित रूप से सही होंगे।

चीन का युद्धाभ्यास एक त्वरित प्रक्रिया
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि पीएलएक का युद्धाभ्यास एक त्वरित प्रक्रिया है। ताइवान को इससे डर होना चाहिए। अखबार ने दावा किया कि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर क्रैच की ताइवान यात्रा की घोषणा नहीं की थी। लेकिन, जब वह ताइवान पहुंचे तो उनका स्वागत पीएलए ने युद्धाभ्यास के जरिए किया। इसलिए यह अभ्यास अंतिम-मिनट का निर्णय था। इतने कम समय में एक बड़े पैमाने पर कार्रवाई का आयोजन किया जा सकता है।

बहुत कम समय पर ताइवान पर कर लेंगे कब्जा

यह दर्शाता है कि PLA में बहुत कम समय में ताइवान पर केंद्रित एक सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने की क्षमता है। हालांकि इसे सैन्य अभ्यास ही नाम दिया गया है। पीएलए हर कीमत पर ताइवान को अपने देश में मिलाना चाहता है। इसके लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उधर अमेरिका ने खुलकर ताइवान का साथ देने का ऐलान किया हुआ है। इससे साउथ चाइना सी में विवाद के और बढ़ने की संभावना है।



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