मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में दरार, अब IIT दिल्ली की रिपोर्ट का इंतजार

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हाइलाइट्स:

  • मथुरा के मशहूर बांके बिहारी मंदिर में दरार, बिल्डिंग भी डेढ़ डिग्री झुकी
  • अब आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट का इंतजार, 3 माह पहले धंसी थी फर्श
  • नींव में रिसाव होने से गेट नंबर 4 के पास जमीन धंसी, अब मरम्मत जारी
  • मंदिर में 65 कंक्रीट के खंभे डाले जा रहे हैं, अब तक 45 को लगाया गया

मथुरा
मथुरा के मशहूर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की भूगर्भीय जांच में चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इसमें पता चला है कि मंदिर की इमारत में दरार आ गई है। यही नहीं मंदिर की इमारत झुक भी गई है। मंदिर प्रबंधन को आईआईटी दिल्ली की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। दूसरी ओर भविष्य के निर्माण की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।

ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में तीन महीने पहले अचानक मुख्य परिसर की फर्श धंसने के बाद हड़कंप मच गया था। हालांकि कोरोना महामारी के चलते मंदिर के मुख्य द्वार आम दर्शनार्थियों के लिए बंद थे, लिहाजा कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ था। फर्श धंसने से चिंतित मंदिर प्रबंधन ने तत्काल रिसीवर मथुरा मुंसिफ को जानकारी दी। लेकिन जब आईआईटी दिल्ली की अनऑफिशल रिपोर्ट मंदिर प्रशासन को पता चली तो माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं।

एएसआई-आईआईटी दिल्ली की टीम कर चुकी है जांच
मुंसिफ की इजाजत के बाद आईआईटी दिल्ली, केंद्रीय पुरातत्व विभाग और दूसरी निजी निर्माण एजेंसियों के सहयोग से पूरे मंदिर परिसर की भूगर्भीय और तकनीकी जांच करवाई गई। एक निजी संस्था ने मंदिर का जीपीआर( ग्राउंड पेनीट्रेटिंग रेडार) तकनीक से परीक्षण किया। साथ ही भूगर्भीय जांच के दौरान मिट्टी के नमूने भी लैब में भेजे गए। लम्बी तकनीकी जांच प्रक्रिया के बाद निजी एजेंसियों की जो रिपोर्ट सामने आई है, वह चौंकाने वाली है।


कई हिस्सों में दरार, गेट नंबर 4 के पास धंसी जमीन
मंदिर के कई हिस्सों में दरार आ चुकी है। वहीं नींव में पानी का लगातार रिसाव होने से मंदिर का एक हिस्सा (गेट नंबर 4 के पास) करीब डेढ़ इंच तक धंस चुका था। खास बात यह है कि करीब 150 साल पहले 1864 में निर्मित मन्दिर की इमारत भूकंप रोधी भी नहीं थी। तेज भूकंप की स्थिति में मंदिर की इमारत को भारी नुकसान हो सकता है। मंदिर वर्तमान में करीब डेढ़ डिग्री तक झुक गया है।

अब मरम्मत के लिए यह प्लान
अब मन्दिर को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाने के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है। मन्दिर प्रबंध तंत्र के मुताबिक मुख्य परिसर में करीब 12 से 15 मीटर तक 450 एमएम के 65 कंक्रीट खंभे डाले जा रहे हैं। इनमें से 45 खंभों को डालने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद अलग-अलग तरीके की सात परत बनाई जाएगी, जिससे मंदिर को भविष्य के लिए मजबूती दी जा सके।

MATHURA MANDIR

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में दरार



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