महाराष्ट्र के किसान समूहों की चेतावनी, सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगें नहीं मानीं तो दिल्ली तक मार्च

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हाइलाइट्स:

  • पंजाब-हरियाण-उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र के किसानों ने दिया अल्टिमेटम
  • किसान समूह ने कहा, प्रदर्शनकारियों की मांगें नहीं मानीं तो दिल्ली कूच करेंगे
  • नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान-केंद्र सरकार के बीच चल रही है मीटिंग

मुंबई
मोदी सरकार के कृषि बिलों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा में किसान व्यापक स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों को हर राज्य के लोगों से समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को महाराष्ट्र के कुछ किसान समूहों ने भी सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे भी दिल्ली की ओर मार्च करेंगे। ऐसे में अगर महाराष्ट्र से भी किसानों का समूह दिल्ली की ओर कूच कर देता है तो इससे केंद्र सरकार की मुश्किल और बढ़ जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के किसान समूहों ने कहा है कि अगर सरकार विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों पर सहमत नहीं होती है तो वे लोग भी दिल्ली तक मार्च शुरू करेंगे। किसानों के अलावा कई मशहूर हस्तियां भी किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए आगे आ रही हैं। बताया गया कि शाहीन बाग की ऐक्टिविस्ट बिलकिस दादी ने भी किसानों को समर्थन देने का ऐलान किया है।

बिलकिस दादी ने कहा कि हम किसानों की बेटियां हैं। हम आज किसानों के प्रोटेस्ट का समर्थन करने जाएंगे। हम अपनी आवाज उठाएंगे, सरकार को हमारी बात सुननी चाहिए। इसके बाद उन्होंने सिंघू बॉर्डर पर प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने का ऐलान कर दिया। हालांकि, वहां पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

किसान संगठन और सरकार की मीटिंग
उधर, नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में किसानों के मुद्दे को लेकर सरकार और किसान नेताओं के बीच बैठक हो रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस बैठक की अगुवाई कर रहे हैं। किसानों के करीब 35 प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल होने के लिए विज्ञान भवन पहुंचे हैं। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक से जरूर कोई सकारात्मक हल निकलेगा। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश सिंह टिकैत ने बताया कि सरकार ने पंजाब डेलिगेशन को 3 बजे बैठक के लिए बुलाया था। उसके बाद आज शाम 7 बजे सरकार यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली के प्रतिनिधिमंडल को बुलाएगी। उन्होंने कहा कि हम सभी मामले का अंतिम समाधान चाह रहे हैं।



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