मालाबार सैन्य अभ्यास: भारत-अमेरिका-जापान के साथ आया आस्ट्रेलिया तो क्या बोला चीन?

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पेइचिंग
मालाबार नेवल एक्सरसाइज में इस साल ऑस्ट्रेलिया के शामिल होने पर चीन से पहली बार प्रतिक्रिया दी है। यह पहली ऐसी नेवल एक्सरसाइज है जिसमें क्‍वॉड के सभी चार देश भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया हिस्सा ले रहे हैं। इन चारों देशों का किसी न किसी मुद्दे पर एशिया में दादागिरी दिखा रहे चीन के साथ विवाद है। चीन लंबे समय से क्‍वॉड का मजाक उड़ाता आया है, लेकिन इस बाद जब इसके चारों देश एक साथ युद्धाभ्यास करने जा रहे हैं तो उसकी चिंता बढ़ गई है।

चीन ने सधी प्रतिक्रिया में जताई चिंता
मालाबार नेवल एक्सरसाइज में ऑस्ट्रेलिया के शामिल होने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि चीन ने इस घटनाक्रम का संज्ञान ले लिया है। उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा कि हमारा सदैव मानना रहा है कि देशों के बीच सैन्य सहयोग क्षेत्रीय शांति एवं स्थायित्व के लिए अनुकूल होना चाहिए। भारत ने सोमवार को ऐलान किया था कि आस्ट्रेलिया आगामी मालाबार अभ्यास में हिस्सा लेगा।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में होगा यह अभ्यास
मालाबार युद्धाभ्यास में भारत, अमेरिका और जापान की नौसेनाएं हिस्सा लेती हैं। अगले महीने बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में इस अभ्यास के होने की संभावना है। इस विशाल सैन्य अभ्यास का हिस्सा बनने के आस्ट्रेलिया के अनुरोध पर ध्यान देने का भारत का निर्णय ऐसे वक्त आया है जब पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद के बीच चीन के साथ रिश्ता तनावपूर्ण हो गया है।

1992 में शुरू हुआ था मालाबार युद्धाभ्यास
मालाबार अभ्यास 1992 में भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच हिंद महासागर में द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था । जापान 2015 में इस अभ्यास का स्थायी हिस्सेदार बना। वर्ष 2018 में यह अभ्यास फिलीपन सागर में गुआम तट के पास और 2019 में यह जापान तट के पास हुआ था। पिछले कुछ सालों से आस्ट्रेलिया इस अभ्यास से जुड़ने में बड़ी दिलचस्पी दिखा रहा है।

चीन को सता रहा यह डर
चीन के बढ़ते सैन्य दबदबे के आलोक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति वैश्विक शक्तियों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय है। अमेरिका रणनीतिक रूप से अहम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे पर अंकुश लगाने के लिए चतुष्पक्षीय गठबंधन को सुरक्षा ढांचा का रूप देने की वकालत कर रहा है। चीन के मन में इस मालाबार अभ्यास के उद्देश्य को लेकर आशंका उत्पन्न हो गयी है क्योंकि वह महसूस कर रहा है कि इसके जरिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसके दबदबे पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा सकता है।



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