मिसाइल से लेकर टैंक तक, उत्तर कोरिया ने दुनिया को दिखाई महाविनाशकारी हथियारों की झलक

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उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने दुनिया को अपने सबसे महाविनाशकारी हथियारों की झलक दिखाई है। इस दौरान न केवल उत्तर कोरिया की एलीट कमांडो फोर्स ने परेड की बल्कि सबसे आधुनिक और सीक्रेट इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल हावसांग 15 को भी दिखाया गया। इस दौरान रूसी अरमाटा की तरह दिखने वाले मेन बैटल टैंक ने भी सबका ध्यान खींचा। वहीं किम जोंग ने अपने भाषण के दौरान चेतावनी दी कि अगर किसी देश ने उसे धमकी दी गई तो उत्तर कोरिया अपनी परमाणु शक्ति को पूरी तरह से सक्रिय कर देगा।

पहली बार दिखा उत्तर कोरिया का सीक्रेट वेपन

मिसाइलों के दीवाने तानाशाह किम जोंग की सेना ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का प्रदर्शन किया। यह अपनी तरह की दुनिया की सबसे बड़ी मिसाइल है। यह इतनी विशाल है कि इसे 22 पहियों के ट्रक पर ले जाना पड़ा। इस परेड में और भी कई हथियारों की झलख दिखाई गई और किम जोंग ने दुनिया को चेतावनी भी दे दी कि देश अपनी ताकत को मजबूत कर रहा है। ICBM को ट्रांसपोर्टर-इरेक्टर-लॉन्चर पर किम इल सुंग स्क्वेयर पर तानाशाह किम जोंग उन के सामने से ले जाया गया।

घातक है उत्तर कोरिया की यह मिसाइल

विशेषज्ञों ने कहा है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी रोड-मोबाइल लिक्विड-फ्यूल्ड मिसाइल हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए हथियार में मल्टिपल रीएंट्री वीइकल क्षमता है जिसकी मदद से यह अमेरिका के रक्षा तंत्रों को धता बता सकती है। अभी तक उत्तर कोरिया के पास सिर्फ लिक्विड फ्यूल आधारित मिसाइलें रही हैं जिन्हें तैयार करने में वक्त लगता है और उन्हें रेडी-टू-लॉन्च स्टेट में नहीं छोड़ा जा सकता है। जबकि सॉलिड फ्यूल मिसाइलों को ईंधन भरकर छोड़ा जा सकता है कि जल्दी लॉन्च भी किया जा सकता है। इन्हें डिटेक्ट कर खत्म करना भी मुश्किल होता है।

रूसी अरमाटा की कॉपी दिखे उत्तर कोरियाई टैंक

रूस के मेन बैटल टैंक अरमाटा के जैसे दिखने वाले टैंक उत्तर कोरिया की सैन्य परेड में भी दिखाई दिए। रूस की अरमाटा को नेक्स्ट जेनरेशन का टैंक माना जाता है। 55 टन की यह टैंक 125 एमएम के स्मूथबोर कैनन से लैस होती है। यह 10 से 12 राउंड प्रति मिनट के दर से गोले दागने में सक्षम है। इस टैंक में एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल को भी दागने में सक्षम है। अगर उत्तर कोरिया की टैंक भी इतनी ही मजबूत साबित होती है तो यह अमेरिका, दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए खतरे की बात है।

बिना नाम लिए अमेरिका को दी चेतावनी

किम जोंग ने सैन्य प्रदर्शन के दौरान सीधे तौर पर अमेरिका की आलोचना नहीं की, लेकिन हथियारों को दिखाकर परोक्ष रूप से चेतावनी जरूर दी। उत्तर कोरिया के सत्तारूढ़ दल की 75वीं वर्षगांठ ऐसे समय में मनायी गई जबकि अमेरिकी चुनाव में चार सप्ताह से भी कम समय बाकी है। ऐसे में जो भी अमेरिका का नया राष्ट्रपति बनेगा। उसके सामने पहली समस्या उत्तर कोरिया से सामान्य संबंध बहाल करने पर ही होगी।

देश को एकजुट करने की कोशिश में किम जोंग

किम ने देश की जनता को कोरोना वायरस काल का पूरी ताकत से सामना करने का संदेश भी दिया। साथ ही आग्रह किया कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ लगाए अमेरिका नीत प्रतिबंधों का एकजुट होकर सामना करें। उत्तर कोरियाई नेता ने परमाणु कार्यक्रम को अपनी रक्षा के लिए महत्वपूर्ण करार देने के साथ ही कहा कि वह अपने सुरक्षा बलों के जरिए किसी विशिष्ट देश को निशाना नहीं बना रहे थे।

उत्तर कोरिया ने क्यों आयोजित की सैन्य परेड

10 अक्टूबर को कोरियाई वर्कर्स पार्टी की 75वीं स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए किम जोंग उन ने इस परेड का आयोजन किया। प्योंगयांग के किम इल संग स्क्वायर पर सैन्य परेड के दौरान टैंक, बख्तरबंद वाहन, रॉकेट लांचर और बैलिस्टिक मिसाइलों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश की गई। उत्तर कोरिया में शायद यह पहली ऐसी सैन्य परेड थी जिसे रात में आयोजित किया गया है।



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