मिस्र: महान गीजा पिरामिड पर पुरानी थिअरी ‘बकवास’, एक्सपर्ट ने बताया निर्माण का सच

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गीजा
मिस्र के ग्रेट पिरामिड ऑफ गीजा को लेकर कई तरह की चर्चाएं चलती रहती हैं। हाल ही में एक इंजिनियर ने दावा किया है कि अभी तक जो माना जा रहा था कि यह पिरामिड कैसे बनाया गया है, उससे अलग तरीके के बारे में पता चला है। माना जाता है कि इस विशाल पिरामिड को बनाने में 20 साल का वक्त लगा था और यह फिरौन खूफू के लिए बनाया गया था। माना जाता है कि इसका वजन करीब 60 लाख टन है और इसमें 23 लाख पत्थर लगे हैं। इसे कैसे बनाया गया, इसे लेकर अलग-अलग थिअरी हैं लेकिन सबसे ज्यादा प्रचलित यह है कि एक-एक पत्थर को उठा-उठाकर एक के ऊपर एक रखा गया था। हालांकि, मिस्र में करीब 14 साल से ऐतिहासिक इमारतों का रखरखाव देख रहे स्ट्रक्चरल इंजिनियर पीटर जेम्स के मुताबिक ऐसा नहीं था।

पाए गए थे सॉकेट
पीटर ने 19वीं सदी में की गई एक खोज के आधार पर यह दावा किया है। उन्होंने लिखा है, ‘फ्लाइंडर्स पेट्री ने ऐसे स्टोन सॉकेट खोजे थे जिनका कोई काम नहीं था और ये बाहरी केसिंग से मिल नहीं रहे थ।’ उन्होंने संभावना जताई है कि इनका इस्तेमाल टिंबर से बने प्रोफाइल को सीधा करने के लिए किया जाता था।’ पीटर का कहना है कि ये सभी इमारतों पर देखे गए हैं जहां नींव बनाई गईं और सही ऐंगल बनाए गए। पीटर का कहना है कि पिरामिड को दरअसल कोनों से बनाना शुरू किया गया और फिर अंदर के हिस्से को भरा गया था।

ऐसे बनाया गया था पिरामिड
पीटर ने दावा किया है कि प्राचीनकाल में बिल्डरों ने ट्रांजिट जैसे तरीकों की मदद से लंबाई नापने का काम किया था। इनकी मदद से सीधी लाइन बनाई जाती है। बेस तैयार करने के बाद 45 डिग्री के ऐंगल पर निर्माण किया गया। पीटर ने आगे बताया, ‘हमें पता है कि ग्रेट पिरामिड 230 मीटर लंबा है और 150 मीटर ऊंचा है। अगर ब्लॉक अंदर जाता है और ऊंचाई भी उतनी ही है, तो सभी चार कोनों पर ऊपर की और 45 डिग्री के ऐंगल से इन्हें लगाया जा सकता है।’

इतने ब्लॉक लाना नामुमकिन
उन्होंने कहा कि आज भी निर्माण के दौरान यही देखा जाता है कि स्क्वेयर का शेप तैयार हो। जैसे-जैसे पिरामिड ऊपर जाने लगा, ऊपरी हिस्सा छोटा होता गया। पीटर का कहना है कि पिरामिड में 26 लाख ब्लॉक लगे हैं और इसका मतलब है कि अगर क्वेरी से इन्हें एक-एक कर लाया गया तो 25 साल में इसे पूरा करने के लिए हर 6 मिनट पर एक पत्थर चाहिए होगा। यह बकवास है।

(Source: Express)



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