मुजफ्फरपुर से अगवा छात्रा 6 दिन बाद गुरुग्राम से बरामद, मोबाइल लोकेशन से हुआ खुलासा

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मुजफ्फरपुर
मुजफ्फरपुर से 3 सितंबर को डकैती के दौरान अगवा हुई छात्रा बरामद हो गई है। छात्रा पुलिस को हरियाणा के गुरुग्राम में मिली है। इसके साथ ही पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस निजी वाहन से छात्रा और दोनों आरोपियों को लेकर गुरुवार शाम तक मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक छात्रा को मोबाइल लोकेशन के आधार पर दिल्ली और हरियाणा के आसपास ट्रैक किया गया था। मोबाइल लोकेशन के आधार पर ही मुजफ्फरपुर पुलिस 3 दिनों से दिल्ली और आसपास के इलाके में कैंप कर रही थी।

एसएसपी ने कहा है की डकैती की कोई घटना नहीं हुई थी, हालांकि उन्होंने छात्रा के अगवा होने की भी बात से इनकार नही किया है। उन्होंने बताया है कि मुजफ्फरपुर से भी दो लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, उनकी निशानदेही पर छात्रा की बरामदगी में मदद मिली है।

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एनबीटी ने प्रमुखता से इस खबर को उठाया
नवभारत टाइम्स.कॉम ने इस खबर की तुलना नवरुणा केस से करते हुए प्रमुखता से उठाया था। इसपर लगातार खबरें प्रकाशित की जाती रही। सोशल मीडिया पर भी #FindBiharKiBETI के साथ कैंपेन चलाया था। इस कैंपेन को बीएचयू के छात्रों का अच्छा खासा रेस्पांस मिला।

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क्या है घटना?
3 सितंबर की देर रात दीघरा थाना इलाके में डकैतों ने एक कारोबारी के घर में डाका डाला। इस दौरान घर से रुपये-जेवरात तो लूटे ही गए, जाते-जाते डकैतों कारोबारी की 15 साल की नाबालिग बच्ची को भी हाथ-पैर बांधकर अगवा कर लिया।

मुजफ्फरपुर: एक और नवरुणा कांड!

दीघरा में कारोबारी शंभू पांडेय की बेटी के अपहरण कांड ने 8 साल पुराने नवरुणा कांड की भयानक यादें ताजा कर दी हैं। 2012 में सितंबर के महीने में ही नवरुणा भी गायब हुई थी और फिर उसका कंकाल ही मिला। अंतर सिर्फ इतना है कि नवरुणा का अपहरण तो तब किया गया जब घर में सब लोग सोए हुए थे। लेकिन दीघरा के कारोबारी की बेटी का अपहरण तो परिवार की आंखों के सामने ही कर लिया गया था।



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