मेंटल हेल्थ पर डॉक्टर्स से भिड़ीं कंगना रनौत, यूजर ने कहा- तुमको सब पता है, मिला ये जवाब

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कंगना रनौत अपने बोल्ड बयानों के लिए सुर्खियों में रहती हैं। वह किसी भी मुद्दे पर अपनी राय रखने से झिझकती नहीं हैं। उन्होंने हाल ही में ट्विटर पर एंट्री की है। इससे पहले उनकी टीम की तरफ से ट्वीट आते थे। कंगना को यूजर जिन ट्वीट्स में टैग कर रहे हैं वह उनका जवाब भी दे रही हैं। मेंटल हेल्थ पर ट्वीट्स सामने आए हैं। इसमें कंगना ने अपने ज्ञान पर सवाल उठाने वाले को मुंहतोड़ जवाब दिया है।

मेंटल हेल्थ पर कंगना के कॉमेंट से शुरू हुई बात
दरअसल कंगना ने एक ट्वीट में लिखा था कि मानसिक बीमारी का कोई मेडिकल प्रूफ नहीं होता है। सच्चे टैलंट को मीडियॉकर लोग इसी का शिकार बता देते हैं और वर्चुअल इमोशनल लिंचिंग करते हैं। इस पर एक न्यूरोसाइंटिस्ट ने जवाब दिया है कि क्या हर बात पर अपनी राय देना जरूरी है? जब तक सही जानकारी और अनुभव न हो तब तक अपने दायरे में रहना चाहिए।

कंगना ने डॉक्टर्स से किए सवाल
कंगना ने फिर पलटवार किया है कि क्या कोई ब्लड रिपोर्ट मानसिक बीमारी को एक्सप्लेन कर सकती है? अगर मैं डिप्रेस हूं तो क्या मेरी ब्लड या स्कैन रिपोर्ट किसी स्वस्थ इंसान से अलग होगी? क्या एमआरआई रिपोर्ट में बाइपोलर या कोई साइकोलॉजिकल बीमारी दिखती है?

कंगना को मिला जवाब
इस पर कई डॉक्टर्स ने कंगना को जवाब दिए हैं। इस पर डॉक्टर राहुल के नाम से बने हैंडल ने जवाब दिया है कि इनको छोड़िए। उन्हें वाइट मैटर, ग्रे मैटर, न्यूरोट्रांसमिटर और उनके इंटरैक्शन के बारे में कुछ नहीं पता है। ये वही लोग हैं जो धार्मिक बातों को बिना किसी प्रूफ के मान लेते हैं लेकिन मेंटल हेल्थ जैसी सीरियस चीज के लिए सबूत मांगते हैं।

कंगना ने कहा, साइंस स्टूडेंट रही हूं
कंगना ने इस पर जवाब दिया है मुझे ग्रे मैटर, न्यूरॉन्स और उनके इंटरैक्शन के बारे में बता है। मैं साइंस स्टूडेंट रही हूं, ब्रेन पर प्रॉजेक्ट किया है, दिमाग का 3 डी मॉडल भी बनाया है। मैंने ह्यूमन साइकॉलजी पर प्राइवेट ट्यूशंस भी लिए हैं।

यूजर ने कहा- तुमको सब पता है!
एक और यूजर ने कंगना को जवाब दिया है कि साइकियाट्रिस्ट के पास जाने को साइकॉलजी में प्राइवेट ट्यूशन के तौर पर नहीं गिना जा सकता। तुमको तो हर चीज और हर किसी के बार में सब पता है।

कंगना का जवाब- कोई तकलीफ?
कंगना ने इसका जवाब दिया है, मैंने न्यूयॉर्क में स्क्रीन राइटिंग का कोर्स किया है जिसमें ह्यूमन साइकॉलजी 6 महीने के कोर्स का हिस्सा था। मैंने 2 साल के लिए इस कोर्स को बढ़वा लिा था। मुझे भले ही सब कुछ ना पता हो पर काफी कुछ पता है, क्या इससे कोई तकलीफ है?

बनने लगे मीम्स
कंगना के जवाब के बाद सोशल मीडिया पर उनके मीम्स बनने भी शुरू हो गए…



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