मैसूरु: JSS Hospital जल्द शुरू करेगा रूस की कोरोना वैक्सीन Sputnik-V का क्लिनिकल ट्रायल

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बेंगलुरु
कर्नाटक के मैसूरु शहर में स्थित जेएसएस हॉस्पिटल जल्द ही रूस की कोरोना वैक्सीन Sputnik-V के दूसरे और तीसरे स्टेज का ट्रायल शुरू कर सकता है। हाल में हुए घटनाक्रम के आधार पर सूत्रों ने बताया है कि अस्पताल जल्द ही ट्रायल की प्रक्रिया शुरू कर सकता है और इसके लिए हैदराबाद की एक फार्मा कंपनी उसकी मदद करने जा रही है। इसे लेकर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भी सूचना दे दी गई है।

अगर डीजीसीआई से अप्रूवल मिलता है तो 21 से 60 वर्ष की उम्र वाले कुल 60 लोगों पर क्लिनिकल ट्रायल्स शुरू किए जाएंगे। स्पूतनिक-5 कोरोना की ऐसी तीसरी वैक्सीन होगी, जिसका जेएसएस हॉस्पिटल में ट्रायल किया जाएगा। इससे पहले इस अस्पताल में कोरोना की दो और दवाओं कोविशील्ड और नोवावैक्स का ट्रायल हो चुका है।

DGCI की सहमति के बाद शुरू होगा काम
जेएसएस अकैडमी ऑफ हायर एजुकेशन ऐंड रिसर्च के प्रो-चांसलर बी. सुरेश ने बताया कि हैदराबाद की फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डी लैब्रोटरीज ने उनसे कोविड वैक्सीन के स्टेज-2 और स्टेज-3 ट्रायल्स के लिए संपर्क किया था। इसके लिए हमारी ओर से सहमति दी गई है। एक बार डीजीसीआई की ओर से इस दिशा में सहमति मिल जाए तो हम अपना काम शुरू कर देंगे।

ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का ट्रायल जारी
इन सब के बीच जेएसएस यूनिवर्सिटी ने नोवावैक्स नाम की कोविड वैक्सीन के थर्ड स्टेज ट्रायल के लिए सारी जरूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। इस ट्रायल के लिए अस्पताल वैक्सीन को 80 वॉलिंटियर्स पर टेस्ट करेगी। वहीं ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन कोविशील्ड के तीसरे स्टेज का ट्रायल पहले ही अस्पताल में जारी है। अब तक इस वैक्सीन के उपयोग से किसी वॉलिंटियर को कोई परेशानी नहीं हुई है। बी. सुरेश का कहना है कि सभी वैक्सीन के ट्रायल के लिए जेएसएस यूनिवर्सिटी एक ट्रायल इंस्टीट्यूशन के तौर पर काम कर रहा है। इसी के साथ जेएसएस हॉस्पिटल को एक ट्रायल साइट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस खबर को अंग्रेजी में यहां पढ़ें।



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