रात के अंधेरे में ‘ब्रह्म बाबा’ के ‘दुश्मन’ को तेजस्वी ने अपनाया, पत्नी को महनार से टिकट दिया

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हाइलाइट्स:

  • रात के अंधेरे में तेजस्वी यादव ने बाहुबली रामा सिंह को दिया सिंबल
  • रामा सिंह की पत्नी वीणा देवी महनार सीट से लड़ेंगी चुनाव
  • रघुवंश बाबू आरजेडी में रामा सिंह की एंट्री का कर रहे थे विरोध
  • तमाम विरोधों के बावजूद रामा सिंह की फाइनल एंट्री आरजेडी में हो गई

पटना
तेजस्वी यादव ने आरजेडी के वरिष्ठ नेता रहे रघुवंश प्रसाद सिंह की बात नहीं मानी है। रघुवंश बाबू का निधन पिछले दिनों लंबी बीमारी की वजह से दिल्ली में हो गया था। रघुवंश बाबू आरजेडी में बाहुबली रामा सिंह की एंट्री का लगातार विरोध कर रहे थे। पिछले दिनों में रघुवंश बाबू के समर्थकों ने भी लालू आवास के बाहर रामा सिंह की उम्मीदवारी का विरोध किया था। लेकिन तेजस्वी यादव ने उन्हें रात के अंधेरे में बुलाकर अपना लिया है।

दरअसल, रामा सिंह की छवि एक बाहुबली नेता के रूप में है। बिहार समेत देश के दूसरे राज्यों में भी उनके ऊपर दर्जनों मुकदमा दर्ज है। जिसमें रंगदारी, अपहरण से लेकर हत्या तक के मामले शामिल हैं। रामा सिंह की एंट्री की खबर को लेकर रघुवंश बाबू इतने नाराज थे कि उन्होंने अस्पताल से ही इस्तीफा भेज दिया था। बाद में लालू यादव ने भी उन्हें एक चिट्ठी लिखी थी। ठीक होने के बाद हम लोग मिल बैठ कर बात करेंगे। लेकिन रघुवंश बाबू लौट कर नहीं आए। राजनीति में प्यार से लोग इन्हें ब्रह्म बाबा भी कहते थे। अब ब्रह्म बाबा के कट्टर दुश्मन रहे रामा सिंह को तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी में बैक डोर से एंट्री दी है।

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रात के अंधेरे में सिंबल
दरअसल, रामा सिंह पिछले दिनों पटना स्थित राबड़ी आवास पर तेजस्वी यादव से मिलने आए थे। रामा सिंह अपने परिवार के लिए लालगंज और महनार की सीट मांग रहे थे। लेकिन इसे लेकर बात नहीं बनी थी। लेकिन बुधवार को देर रात रामा सिंह को तेजस्वी यादव ने सिंबल दे दिया है। महनार सीट से रामा सिंह की पत्नी वीणा देवी चुनाव लड़ेंगी।

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2014 में रामा सिंह से चुनाव हार गए थे रघुवंश बाबू
रामा सिंह पहले एलजेपी में थे। वैशाली इलाके के बड़े बाहुबली नेता हैं। सवर्ण वोटरों में रामा सिंह की अच्छी पकड़ है। वह 2014 के लोकसभा चुनाव में वैशाली से लड़े थे। उन्होंने रघुवंश बाबू को चुनाव हरा दिया था। 2019 के लोकसभा में एलजेपी ने रामा सिंह को टिकट नहीं दिया। उसके बाद से ही वह नाराज चल रहे थे। आरजेडी में शामिल होने के लिए वह पिछले कई महीनों से जुगत लगा रहे थे। लेकिन रघवुंश बाबू के विरोध की वजह से ही एंट्री नहीं हो रही थी।

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कौन हैं रामा सिंह
रामा सिंह की गिनती बिहार के टॉप बाहुबलियों में होती है। अपहरण, धमकी, रंगदारी, मर्डर जैसे संगीन अपराधों के आरोपी हैं। इनका पूरा नाम राम किशोर सिंह है। महनार इलाके में 1990 के दौर में इनकी तूती बोलती थी। रामा सिंह की दोस्ती अशोक सम्राट से भी रही है। इन रौब सिर्फ महनार ही नहीं, पूरे उत्तर बिहार में था। अशोक सम्राट हाजीपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया था। चर्चा यह भी थी कि पुलिस का जाल रामा सिंह ने ही अशोक सम्राट के लिए बिछाया था। छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंप व्यवसायी के अपहरण केस में भी रामा सिंह का नाम सामने आया था।



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