रूस के इस टापू में तट पर क्यों बहकर आ रहे हैं मरे हुए ऑक्टोपस, केकड़े…Red Tide है वजह या कुछ और?

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रूस के उत्तरी कुरिल टापू के परामुशीर में समुद्र तट पर दर्जनों जलीय जीव मृत पाए गए हैं। यहां जलीय जीवों की बड़ी संख्या में मौत होती जा रही है। इस बार इतने सारे मृत ऑक्टोपस मिलने की यह इस हफ्ते दूसरी घटना है। इससे पहले ऑक्टोपस, सी अर्चिन, केकड़े और शेल 12 अक्टूबर को देखे गए थे। इससे आसपास के लोग हैरान भी हैं और परेशान भी। एक दिन पहले ही कमचाटका के पश्चिमी तट पर एक गांव में भी ऐसा ही देखा गया था। वहीं, सितंबर में भी यहां स्थानीय सर्फर्स ने इस बात की जानकारी दी थी। (फोटो क्रेडिट: Anna Strelchenko/TASS)

दुनिया के वैज्ञानिकों से अपील

कमचाटका के गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने इस घटना के बारे में कहा है कि यहां कुछ बड़ा देखा जा रहा है और इसका वैज्ञानिक सच पता किया जाना अभी बाकी है। व्लादिमीर ने अमेरिका, जापान और चीन की यूनिवर्सिटीज के इंटरनैशनल रिसर्चर्स से पर्यावरण संकट की जांच करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इस काम के लिए लगा रिसर्च ग्रुप दूर से यहां के वैज्ञानिकों को मिले नतीजे और उनकी थिअरी पर काम करेगा। (फोटो क्रेडिट: Anna Strelchenko/TASS)

दिख रही है एक वजह

अभी तक रूस के वैज्ञानिक इस संकट के पीछे Red Tide को कारण बता रहे हैं। यह जहरीली काई (Algae) के ऐक्टिवेट होने की वजह से पैदा होती है और जलीय जीवों की मौत का कारण बनती है। रशियन अकैडमी ऑफ साइंसेज के वाइस-प्रेसिडेंट आंद्रे आद्रियनोव बताते हैं कि पानी के नमूनों में बड़ी संख्या में माइक्रो काई मिली है। यह बढ़ते हुए जहर छोड़ती है। इससे पानी में ऑक्सिजन कम होती है और जीवों की जान जाती है। (फोटो क्रेडिट: Anna Strelchenko/TASS)

Red Tide ही वजह?

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कमचाटका के इंस्टिट्यूट ऑफ वॉल्केनॉलजी ऐंड सीज्मॉलजी के निदेशक अलेक्सेई ओजरोव का कहना है कि अभी यह थिअरी पुष्ट नहीं है लेकिन इसकी संभावना है। अब यह जांच की जाएगी कि किस कारण से काई ऐक्टिवेट हुई है। हालांकि, कई वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक मृत जीवों के शरीर में काई का जहर न मिले, तब तक सिर्फ इस थिअरी को ही सही मानकर नहीं चलना चाहिए। (फोटो क्रेडिट: Anna Strelchenko/TASS)

कहीं प्रदूषण तो वजह नहीं?

इस सबके बीच कोसलस्की और रडाईजीनो मिलिट्री वेस्ट साइट से हानिकारक कचरा छोड़े जाने की चर्चा भी तेज होने लगी है। इसके अलावा ज्वालामुखी या जहाजों की वजह से पर्यावरण को नुकसान के दावे भी किए जा रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इन्हें फिलहाल खारिज किया है। दरअसल, रूसी जांच समिति ने मशहूर सर्फर मई रूडिक की आंखों को नुकसान पहुंचने के मामले में आपराधिक केस शुरू किया है। वह खलाकटिरस्की बीच पर पेट्रोपावलॉस्क-कमचाटस्की की बाहर ट्रेनिंग कर रहे थे। यहां करीब 400 सर्फर ट्रेनिंग करते हैं और दर्जनों ने आंख खराब होने, बुखार, डायरिया, उल्टी, रैश, सिर-गले में दर्द जैसी शिकायतें बताई हैं। मई ने खुद भी तट पर पीले फोम का वीडियो पोस्ट किया था। (फोटो क्रेडिट: Anna Strelchenko/TASS)

(Source: साइबेरियन टाइम्स)



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