रूस में आज शाम को मिलेंगे भारत और चीन के विदेश मंत्री, लद्दाख में खत्‍म होगा तनाव?

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हाइलाइट्स:

  • लद्दाख में भारत और चीन में जारी तनातनी के बीच दोनों देशों के विदेश मंत्री मुलाकात करेंगे
  • भारतीय समयानुसार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर जयशंकर अपने चीनी समकक्ष से मिलेंगे
  • कहा जा रहा है कि रूस दोनों के बीच तनाव कम करने की जमीन तैयार करने में लगा हुआ है

मास्‍को
लद्दाख (Ladakh Standoff) में भारत और चीन में जारी तनातनी (India-China Tension) के बीच आज शाम को भारत और चीन के विदेश मंत्री रूस की राजधानी मास्‍को में मुलाकात करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक भारतीय समयानुसार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच मुलाकात होगी। कहा जा रहा है कि रूस अपने दोनों मित्र देशों के बीच तनाव कम करने की जमीन तैयार करने में लगा हुआ है। हालांकि रूस ने इसका खंडन किया है।

इससे पहले रूस में ही भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से चीनी रक्षा मंत्री ने मास्‍को में मुलाकात की थी लेकिन इस बैठक का कोई परिणाम नहीं निकला था। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लद्दाख में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) की बैठक में शामिल होने मंगलवार को मॉस्को पहुंच चुके हैं।

रूस तनाव कम कराने की कोशिशों में जुटा
शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन के विदेश मंत्रियों की बैठक 10 सितंबर को मॉस्को में होनी है। भारत में रूसी दूतावास के डेप्युटी चीफ रोमन बबुश्किन ने मंगलवार को कहा कि भारत और चीन के बीच मतभेद सुलझाने के लिए रूस हर तरह का प्रयास करेगा। एससीओ की बैठक से इतर मॉस्को में विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी द्विपक्षीय बैठक कर रहे हैं। मई में सीमा विवाद की खबरें सामने आने के बाद दोनों के बीच यह पहली मुलाकात होगा। बैठक में ईस्टर्न लद्दाख में तनाव कम करने और सैनिकों के पीछे हटाने को लेकर चर्चा होगी।

मास्को को भरोसा, बातचीत के जरिए निकलेगा हल
बुबुश्किन ने कहा, ‘एससीओ के चार्टर में किसी द्विपक्षीय विवाद को शामिल नहीं किया गया है, लेकिन यह आपसी विश्वास बनाने, सहयोग बढ़ाने और देशों के बीच बातचीत के लिए प्लैटफॉर्म मुहैया करवाता है। हम एससीओ के अलावा द्विपक्षीय बातचीत के काफी संभावना देख रहे हैं। हाल ही में चीनी रक्षा मंत्री ने अपने रूसी समकक्ष के साथ मुलाकात की। अब विदेश मंत्रियों की भी मुलाकात होने वाली है।’ बबुश्किन को भरोसा है कि भारत और चीन बातचीत के जरिए मामले का एक स्वीकार्य समाधान निकाल सकते हैं।

चीन के धोखे के कारण भारत है सतर्क
आपको बता दें कि भारतीय और चीनी विदेश मंत्री के बीच गलवान झड़प के बाद फोन पर हुई बातचीत के बाद डिस्इंगजमेंट पर सहमति बनती दिख रही थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में चीजें काफी बदल गई हैं। सूत्रों के अनुसार पैंगोंग सो के दक्षिणी छोर की महत्वपूर्ण लोकेशन पर भारतीय सैनिकों की तैनाती को लेकर चीन के साथ सहमति नहीं बन पाई ।



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