लॉकडाउन में एक करोड़ प्रवासी कामगारों ने की ‘घर वापसी’, सरकार ने बताया उनके लिए क्या-क्या किया

Spread the love


हाइलाइट्स:

  • लॉकडाउन के दौरान एक करोड़ से अधिक प्रवासी कामगार अपने राज्यों को वापस गए
  • प्रवासी कामगारों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए क्या किया, सरकार ने बताया
  • उत्तर प्रदेश में 32,49,638 और बिहार में 15,00,612 प्रवासी कामगार वापस आए

नई दिल्ली
केन्द्र सरकार ने शुक्रवार को बताया कि कोविड-19 महामारी और उसके बाद लॉकडाउन के दौरान एक करोड़ से अधिक प्रवासी कामगार अपने राज्यों को वापस गए तथा प्रवासी कामगारों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए कई उपाए किए गए हैं। लोकसभा में कनिमोई करुणानिधि के प्रश्न के लिखित उत्तर में श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने यह जानकारी दी।

सदन में गृह राज्य वापस आए प्रवासी कामगारों की संख्या के बारे में पेश ब्यौरे के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 32,49,638 प्रवासी कामगार वापस आए। इसी प्रकार से बिहार में 15,00,612, पश्चिम बंगाल में 13,84,693, और राजस्थान में 13,08,130 प्रवासी कामगार वापस लौटे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में 7,53,581 प्रवासी कामगार, झारखंड में 5,30,047, पंजाब में 5,15,642, असम में 4,26,441 प्रवासी कामगार वापस लौटे।

295 करोड़ रुपये की मजदूरी का भुगतान

गंगवार ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों की शिकायतों को हल करने के लिए मंत्रालय ने पूरे देश में 20 कन्ट्रोल रूम स्थापित किए। लॉकडाउन के दौरान इन कन्ट्रोल रूमों के माध्यम से श्रमिकों के 15 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया। उन्होंने बताया कि मंत्रालयों के हस्तक्षेप के कारण दो लाख से अधिक श्रमिकों को लगभग 295 करोड़ रुपये की राशि की मजदूरी का भुगतान किया गया था।

आत्महत्या से जुड़े आंकड़े नहीं: सरकार
मंत्री ने बताया कि अब तक 1.83 करोड़ निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न राज्यों द्वारा बनवाए जा रहे भवनों एवं अन्य निर्माण कर्मकार उपकर निधि से सीधे उनके बैंक खातों में 5000 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्रतिदिन की मजदूरी को 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दिया गया। गंगवार ने कहा कि अपने गृह राज्य लौट चुके प्रवासी कामगारों के नियोजन को सुविधाजनक बनाने के लिए अभियान के तहत 116 जिलों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों से प्रवासी कामगारों की आत्महत्या से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है।



Source link

Previous Article
Next Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *