लॉकडाउन में कैंसल हुए फ्लाइट टिकट के पैसे रिफंड करने का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

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नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान कैंसल हुए फ्लाइट टिकट के पैसे लौटाने के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान फ्लाइट कंपनी से पूछा, ‘आपकी कंपनी की दिक्कत है इसके लिए यात्री क्यों सफर करें?’

आज की सुनवाई में सरकार ने कहा कि उसे सिर्फ यात्रियों की चिंता है। सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘अगर किसी ट्रैवल एजेंट ने एयरलाइंस के पास एडवांस में पैसे जमा करवाए हों तो उस पर हमें कुछ नहीं कहना। टिकट की ‘थोक खरीद’ नहीं की जा सकती है, यह एयरलाइनों और ट्रैवल एजेंट के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट है। उन्होंने कहा, ‘DGCA का इस से लेना देना नहीं है।’ मेहता ने कहा, ‘क्रेडिट सेल स्कीम का लाभ ट्रैवेल एजेंट को नहीं मिल सकता है। हम ट्रैवल एजेंटों की निगरानी नहीं करते हैं।’

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपके हलफनामे में कहा गया है कि यात्री क्रेडिट वाउचर किसी और को ट्रांसफर भी कर सकता है। ऐसे में एजेंट यात्री से क्रेडिट वाउचर लेकर अपने पैसों की वसूली कर सकते हैं। यह समाधान सही लगता है।

जस्टिस शाह ने पूछा कि अगर ट्रैवल एजेंट्स को पैसा वापस किया जाता है तो यात्री को वह कब वापस मिलेगा? ट्रैवल एजेंट फेडरेशन के लिए वकील ने कहा कि CAR ट्रैवल एजेंटों को रेग्युलेट करती है। उन्होंने कहा, ‘मुझे कोई दिक्कत नहीं है, अगर ट्रैवल एजेंटों के खाते में जमा राशि आती है और वह ट्रांसफर किए जा सकते हैं।’

वहीं, गो एयर के वकील ने कहा कि अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देकर रिफंड करने में अक्षमता जताई। उन्होंने कहा, ‘हमारी माली सही नहीं है, इसलिए हम भी रिफंड करना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतें 78% बढ़ गई हैं, RBI से कोई राहत नहीं मिली है। वकील ने कहा, ‘हम अनिवार्य सेवा नहीं दे रहे हैं। हम 6 महीने में भुगतान नहीं कर सकते हैं। क्रेडिट सेल की अवधि 31 मार्च तक रखना अव्यवहारिक है। 30 सितंबर 2021 तक का समय मिले।’

गो एयर के वकील ने कहा कि तब तक अगर यात्री टिकट के बदले टिकट नहीं लेता तो हम पैसे लौटा देंगे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपकी कंपनी की परेशानी कुछ भी है, यात्री क्यों सफर करें?



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