विकास दुबे की पत्नी को ईडी ने दिया था समन, बयान दर्ज कराने पहुंचीं

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हाइलाइट्स:

  • 2 जुलाई की रात कानपुर के बिकरू गांव में हुआ था शूटआउट
  • सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी हुए थे शहीद, आरोपी विकास दुबे को पकड़ने गई टीम पर हुआ था हमला
  • विकास दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस एनकाउंटर में कर चुकी है ढेर
  • विकास दुबे की संपत्तियों की ईडी कर रही है जांच, दुबे से जुड़े लोगों से हो रही पूछताछ

लखनऊ
कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे को पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था। विकास दुबे की अकूत संपत्तियों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रहा है। ईडी ने विकास दुबे की पत्नी को समन जारी करके बयान के लिए निदेशालय में बुलाया था। बुधवार को वह अपने बेटे का साथ ईडी के दफ्तर पहुंचीं।

विकास दुबे की पत्नी रिचा कार से ईडी के दफ्तर पहुंची। यहां दफ्तर में बंद कमरे में उनसे पूछताछ की गई। ईडी ने रिचा से संपत्ति का सोर्स और उससे जुड़े दस्तावेजों के संबंध में सवाल पूछे।

योगी सरकार ने दी है ईडी को जांच
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के सहयोगी जय वाजपेयी द्वारा कथित रूप से अर्जित की गई अवैध संपत्ति संबंधी का मामला आयकर विभाग (आईटी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपा था। ईडी इस मामले में जांच कर रही है।

बिकरू में हुआ था शूटआउट
तीन जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में दुबे के ठिकाने पर पुलिस दबिश देने गई थी, जिसमें आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे। वाजपेयी और दुबे के एक अन्य सहयोगी प्रशांत शुक्ला को दुबे के ठिकाने पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था।

विकास के खजांची के खिलाफ चल रही जांच
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘विकास दुबे ने 1 जुलाई को वाजपेयी को फोन किया था, जिसके बाद दो आरोपियों ने उससे मुलाकात की और 2,00,000 रुपये और 25 रिवॉल्वर की पेशकश की। उन्होंने फरार होने में तीन वाहनों के जरिए उसकी मदद भी की थी।’

हालांकि, पुलिस की मौजूदगी के कारण दुबे और उसके गुर्गों ने वाजपेयी की कारों में यात्रा नहीं की। उनके खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।



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