सेवा में कितनी तत्पर खाकी…जिंदा जलाई गई किशोरी, 3 घंटे बाद पहुंची यूपी पुलिस

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हाइलाइट्स:

  • सुल्तानपुर में बदमाशों ने एक किशोरी को जिंदा जलाया, हालत नाजुक
  • इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए हैं
  • पुलिस इस घटना के तीन घंटों बाद घटनास्थल पर पहुंची, मचा हड़कंप

सुल्तानपुर
उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर जेल में बंद पत्रकार प्रदीप सिंह की बेटी को कुछ लोगों ने सोमवार को सरेआम बंधक बना लिया। इसके बाद उसे उसके दरवाजे के सामने ही आग लगा दी और फरार हो गए। घटना के तीन घंटे बाद मौके पर पुलिस पहुंची। इसके बाद आनन-फानन में गंभीर हालत में किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने उसे इलाज के लिए लखनऊ रिफर किया है। जमीनी रंजिश की वजह से इस घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना के बाद लोगों ने पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं।

यह घटना बल्दीराय थाना क्षेत्र के टंडरसा मजरे के ऐंजर गांव की है। गांव निवासी पत्रकार प्रदीप सिंह की लड़की श्रद्धा सिंह अपने दरवाजे पर स्थित नल पर पानी भर रही थी। इसी बीच आरोपी सुभाष, महंथ, जयकरन निवासी परसौली ने पहुंचकर उसका हाथ मुंह और पैर बांधकर उस पर केरोसिन छिड़क दिया। फिर किशोरी को आग के हवाले करके फरार हो गए। आग लगने के बाद किशोरी के चीखने पर लोगों ने उसकी मदद की। परिवारवाले उसे लेकर सीएचसी धनपतगंज लेकर पहुंचे। किशोरी 90 फीसदी जल चुकी थी। यहां डॉक्टर्स ने गंभीर हालत में उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ के लिए रिफर किया। नृशंस हत्या के प्रयास को नजरंदाज करते हुए पुलिस तीन घंटे बीतने के बाद घटनास्थल पर पहुंची।

क्या है पूरा मामला?
लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में थाना क्षेत्र में बलवा के दौरान घायल 80 वर्षीय वृद्ध की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने क्षेत्र के पत्रकार प्रदीप सहित 13 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर 8 लोगों को घायल अवस्था में ही अस्पताल से उठाकर जेल में डाल दिया था। इस मामले में दूसरे पक्ष के नामजद 12 व एक अज्ञात को खुलेआम पुलिस का संरक्षण देना, इस घटना का कारण बना था।

पुलिस पर भी सवाल
कहा जाता है कि बल्दीराय थाना अध्यक्ष अखिलेश सिंह की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध थी। वह इसलिए कि थाना बल्दीराय क्षेत्र के टंडरसा ऐंजर निवासी प्रदीप सिंह की खतौनी की जमीन में वृद्ध का शव दफनाने का उन्होंने विरोध किया तो थानाध्यक्ष बल्दीराय अखिलेश सिंह ने खुद थाने की फोर्स लेकर उनकी उसी जमीन में शव दफन करा दिया था। यहीं से झगड़े की शुरुआत हुई थी और बाद में दोनों पक्षों में जमकर लाठी डंडे चले थे। इसमें राहगीरों सहित दर्जनों लोग घायल हुए और 5 बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया था।



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