हरियाणा सरकार ने किसानों से कहा- दिल्ली का पानी और रास्ता बंद करना अच्छी बात नहीं, ये लाहौर-कराची नहीं

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हाइलाइट्स:

  • हरियाणा सरकार के मंत्री जेपी दलाल ने किसानों से की प्रदर्शन समाप्त करने की अपील
  • किसानों से मंत्री ने कहा- सदबुद्धि से लें काम, दिल्ली का पानी और रास्ता रोकना ठीक नहीं
  • किसान संगठनों के व्यापक प्रदर्शन के बीच बोले मंत्री- देश की राजधानी लाहौर या कराची नहीं

चंडीगढ़
दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान जारी गतिरोध के बीच हरियाणा सरकार ने एक बार फिर किसानों से अपील की है कि वो अपने प्रदर्शन को समाप्त कर बीच का रास्ता निकालें, जिससे कि दिल्ली के लोगों को परेशानी ना हो। हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा है कि किसान सदबुद्धि से काम लें।

मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि मैं सभी किसान भाइयों से कहूंगा कि सद्बुद्धि से काम लें, वार्ता करें। ये अच्छी बात नहीं है कि दिल्ली का पानी बंद कर देंगे, दिल्ली के रास्ते बंद कर देंगे, दिल्ली को घेर कर बैठ जाएंगे। ये लाहौर या कराची नहीं है, ये देश की राजधानी है।

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कृषि मंत्री ने भी की अपील
इससे पहले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैं किसानों से अपील करता हूं कि ये कानून किसानों के हित में हैं और लंबे इंतजार के बाद ये सुधार किए जा रहे हैं, लेकिन अगर उन्हें रोई दिक्कत है तो हम उनकी चिंताओं पर चर्चा करने को तैयार करेंगे। हम कल किसान नेताओं के साथ बैठक करेंगे। देखते हैं किस हद तक मुद्दे का समाधान हो सकता है।

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AIMTC ने दी हड़ताल की धमकी
बता दें कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने किसानों की मांगे पूरी ना होने पर 8 दिसंबर को ट्रकों के हड़ताल की धमकी दी है। इसके अलावा दिल्ली में आंदोलनरत किसानों ने कहा है कि जब तक उनकी मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी से नहीं कराई जाती, वो आंदोलन जारी रखेंगे। बार काउंसिल ने भी कृषि कानूनों का विरोध करते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की है।

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बार काउंसिल ने की कृषि कानूनों की निंदा
वरिष्ठ वकील एचएस फूल्का ने कहा है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया कृषि कानूनों की निंदा करता है और और पीएम मोदी को हम इसे वापस लेने के लिए पत्र लिखेंगे। यह वकीलों के खिलाफ भी है क्योंकि इसमें सिविल कोर्ट के न्याय क्षेत्र में ऐसे मामले नहीं आएंगे, जिससे किसानों को न्याय नहीं मिलेगा।



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