30 साल मेहनत करके नहर खोदने वाले बिहार के इस किसान को ट्रैक्टर देंगे आनंद महिंद्रा, कहा- ये मेरे लिए सौभाग्य की बात

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गया
पहाड़ को काटकर रास्ता बनाने वाले बिहार के ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी (Mountain Man Dashrath Manjhi) को कौन भूल सकता है। अब दशरथ मांझी की तरह ही गया के लौंगी भुईंयां (Laungi Bhuiyan) ने भी अपनी मेहनत से ऐसा कारनामा किया, जिसे सुनकर किसी को भी गर्व होगा। उन्होंने लगातार तीस साल तक अकेले मेहनत करके करीब तीन किलोमीटर लंबी नहर खोद दी। उनके इस कारनामे के बाद वो लगातार सुर्खियों में हैं इस बीच उनकी मदद के लिए हाथ भी बढ़ने लगे हैं। इसी कड़ी में महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने लौंगी भुईंयां को ट्रैक्टर देने का फैसला लिया है।

गया के लौंगी भुईंयां को ट्रैक्टर गिफ्ट करेंगे आनंद महिंद्रा

आनंद महिंद्रा ने लौंगी भुईंयां को ट्रैक्टर देने का ऐलान एक स्वतंत्र पत्रकार के ट्वीट पर रिएक्ट करते हुए किया। दरअसल, 18 सितंबर को एक ट्विटर यूजर ने गया के लौंगी मांझी को लेकर एक ट्वीट किया। इसमें यूजर ने लिखा, ‘गया के लौंगी मांझी ने अपने जिंदगी के 30 साल लगा कर नहर खोद दी। उन्हें अभी भी कुछ नहीं चाहिए, सिवा एक ट्रैक्टर के। उन्होंने मुझसे कहा है कि अगर उन्हें एक ट्रैक्टर मिल जाए तो उनको बड़ी मदद हो जाएगी।’ यूजर ने ट्वीट में आनंद महिंद्रा से अपील करते हुए कहा कि वो उन्हें सम्मानित करें, इससे गर्व महसूस होगा।

आनंद महिंद्रा ने कहा- उनकी नहर ताजमहल या पिरामिड के समान

ट्विटर यूजर के इस ट्वीट पर रिएक्ट करते हुए आनंद महिंद्रा ने कहा- ‘उनको ट्रैक्टर देना मेरा सौभाग्य होगा।’ आनंद महिंद्रा ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, ‘जैसा कि आप जानते हैं, मैंने ट्वीट किया था कि मुझे लगता है कि उनकी नहर ताजमहल या पिरामिडों के समान प्रभावशाली है। हमें लौंगी भुईंया को ट्रैक्टर गिफ्ट करना और उनका इसे इस्तेमाल करना हमारे लिए सम्मान की बात होगी।’ साथ ही उन्होंने ट्विटर यूजर से पूछा कि हमारी टीम उन तक कैसे पहुंच सकती है?

30 साल की मेहनत से बनाई 3 किमी. लंबी नहर

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कहा जाता है कि अगर दिल में कुछ कर गुजरने का हौसला हो तो कोई भी बाधा आपके आड़े नहीं आ सकती है। ऐसा ही कुछ करके दिखाया गया के लौंगी भुईंयां ने, जिन्होंने लहथुआ इलाके में अपने गांव में अपनी मेहनत से नहर खोद दी। उन्होंने बताया कि सिंचाई की समस्या से खेती में परेशानी आती थी। ऐसे में उन्होंने नहर खोदने का फैसला लिया। परिवार ने बताया कि उन्होंने कभी लौंगी भुईंया को रोकने की कोशिश नहीं की।

सिंचाई में हो रही थी परेशानी, तो लिया नहर बनाने का फैसला

लौंगी भुईंयां ने बताया कि उन्हें नहर खोदने का विचार तब आया जब उन्होंने देखा गांव के पास ही जलाशय है। उसमें पानी है लेकिन खेती में सिंचाई को लेकर पानी की कमी रहती है। ऐसे में उन्हें लगा कि अगर इस जलाशय से नहर बनाई जाए तो खेतों तक पानी पहुंच सकता है। बस इसी के बाद उन्होंनें कुदाल और दूसरे घरेलू औजार के जरिए खुदाई शुरू कर दी। यही नहीं 30 साल की मेहनत का ही असर है कि करीब 3 किलोमीटर लंबी नहर बनाने में वो सफल रहे।



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