Bihar Election: एलजेपी से तकरार में भी कई राज, बीजेपी की चिराग को ताकीद, पर समझिए अंदर का गणित

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हाइलाइट्स:

  • बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी-जेडीयू के बीच सीट बंटवारा
  • एलजेपी के एनडीए से अलग होने को विश्लेषण मान रहे हैं चिराग की बड़ी रणनीति
  • एलजेपी में बीजेपी के बागी नेता हो रहे हैं शामिल
  • विश्लेषकों का अनुमान, एलजेपी पहुंचा सकती है जेडीयू को नुकसान

नई दिल्ली
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhan Sabha Chunav 2020) में चिराग पासवान (Chirag Paswan) के नेतृत्व वाले एलजेपी का नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का नेतृत्व स्वीकार करने से इनकार के बाद चिराग को ताकीद के साथ बीजेपी और जेडीयू ने सीट बंटवारा का ऐलान कर दिया। हालांकि, चिराग के ‘विरोध’ के पीछे विश्लेषक एलजेपी की रणनीति मान रहे हैं। एलजेपी ने साफ कहा है कि वह बीजेपी के खिलाफ कैंडिडेट्स नहीं उतारेगी पर जेडीयू के खिलाफ वह खम ठोकेगी। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि एलजेपी एनडीए के वोट बैंक में सेंधमारी कर जेडीयू को नुकसान पहुंचा दे। इस बीच, रामविलास पासवान के नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री पद के सवाल पर बीजेपी और जेडीयू ने कुछ साफ जवाब नहीं दिया।

तकरार में भी कई राज
लेकिन इस तकरार में भी कई राज छिपे हैं। एलजेपी ने गठबंधन से अलग होने से पहले कहा था कि वह नीतीश के तो खिलाफ है लेकिन बीजेपी के साथ है और चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में बीजेपी एवं एलजेपी की सरकार बनेगी। यानी चिराग का दल केवल नीतीश और जेडीयू से नाराज है। चिराग ने पिछले कई दिनों में केवल और केवल जेडीयू पर हमला बोला है और बीजेपी पर बयान से परहेज किया है। विश्लेषक इसके कई मायने निकाल रहे हैं।

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बीजेपी की चिराग को ताकीद
सीट बंटवारे की घोषणा के साथ ही बीजेपी नेता और राज्य के डेप्युटी सीएम सुशील मोदी (Sushil Kumar Modi) ने चिराग को पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर इस्तेमाल नहीं करने की ताकीद भी कर दी है। सुशील मोदी ने कहा कि चिराग चुनाव प्रचार के दौरान पीएम की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। सुशील मोदी ने कहा कि बीजेपी चिराग को चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल रोकने के लिए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएगी।

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रामविलास पासवान का क्या होगा?
नरेंद्र मोदी सरकार में रामविलास पासवान केंद्रीय खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या केंद्र से भी एलजेपी अलग होगी। इस सवाल के जवाब में सुशील मोदी ने संकेत दिए कि वह केंद्र में मंत्री बने रह सकते हैं। हालांकि, जब बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘अभी वह बीमार हैं और मैं उनकी जल्दी स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’

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नीतीश को नुकसान पहुंचा सकती है एलजेपी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एलजेपी के कैंडिडेट्स जेडीयू उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। एलजेपी की सवर्णों में पैठ मानी जाती रही है। सवर्ण अभी तक एनडीए का साथ देते रहे हैं लेकिन अगर एलजेपी के कैंडिडेट खड़ा होगा तो एनडीए वोटबैंक में सेंधमारी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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बीजेपी-जेडीयू में हुआ सीटों का बंटवारा
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए जेडीयू 122 सीटों पर और बीजेपी 121 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जेडीयू ने 7 सीटें सहयोगी हम को दे दिया है। ऐसे में वह खुद 115 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

LJP में शामिल होंगे बीजेपी के बागी?
बिहार बीजेपी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने एलजेपी का दामन थाम लिया है। वह दिनारा विधानसभा सीट से जेडीयू के विधायक और मंत्री जय कुमार सिंह के खिलाफ ताल ठोंकेगे। कहा जा रहा है कि एलजेपी बुधवार को जारी होने वाली पहली सूची में बीजेपी के चार लोगों को अपनी पहली सूची में टिकट देगी। ऐसे में अगर एलजेपी चुनाव में कुछ सीटों पर जीत दर्ज कर लेती है तो बीजेपी और एलजेपी के बीच गलबहियां से इनकार नहीं किया जा सकता है।

हम और VIP को कौन देगा सीटें?
इस बीच एनडीए के दो और सहयोगी पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की हम और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी को जेडीयू और बीजेपी अपने-अपने खाते से सीटें देंगी। मांझी ने तो 7 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा भी कर दी है।

फाइल फोटो



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