Black Mamba: दुनिया का सबसे तेज, सबसे जहरीला सांप…जिसका काटा वाकई में पानी नहीं मांगता

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कहते हैं ‘सांप का काटा पानी भी नहीं मांगता’। दुनिया में सांपों की करीब 3,000-3,500 प्रजातियों में से सिर्फ 600 सांप जहरीले होते हैं। इनमें से एक Black Mamba वाकई ऐसा ही सांप है जिसके काटने पर इंसान का बचना नामुमकिन है। दुनिया के सबसे जहरीले और खतरनाक सांपों में से एक मांबा यूं तो शर्मीला होता है लेकिन गुस्सा होने पर ये भयंकर उग्र हो जाता है। इसके बाद यह ऐसे वार करता है कि सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। आइए जानते हैं पेशे से जियोफिजिसिस्ट और तंजानिया में खुद इससे दो-चार होने वाले रत्नेश पांडे के साथ नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के लिए शताक्षी अस्थाना की बातचीत पर आधारित इस खतरनाक सांप की कहानी…

Black Mamba…आखिर कितना काला?

Black Mamba का नाम सुनकर काले रंग के सांप की तस्वीर सामने आती है। हालांकि, यह सांप काला होता नहीं है। आमतौर पर यह हरे रंग का होता है। दरअसल, इसके मुंह के अंदर का हिस्सा बेहद काला होता है और कहते हैं कि इसी के चलते इसका ऐसा नाम पड़ा है। एक दावा यह भी है कि बहुत पहले पाए जाने वाले सांप ज्यादा कालापन लिए होते थे। इसलिए इसे यह नाम दिया गया। यह सांप 11 साल तक या उससे भी अधिक समय तक जीवित रहता है। इसकी लंबाई 6 फीट से लेकर 14 फीट तक की होती है। इस सांप का वजन 3.5 पाउंड के आसपास तक होता है। तंजानिया मे ब्लैक मांबा के अलावा ग्रीन मांबा भी पाया जाता है | ग्रीन मांबा सांप भी काफी विषैला होता है। पेड़ों और झाड़ झंखाड़ मे छिपा रहता है। हरा रंग होने के कारण पेड़ पौधों में इसको पहचानना बहुत मुश्किल होता है।

जंगली जानवर भी बदल लेते हैं रास्ता

यह सांप कितना खतरनाक होता है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जंगल के हिंसक जानवर तक इसे देखकर अपना रास्ता बदल लेते हैं। यह सांप गुस्सा होने पर पीछा करके काटने का उपक्रम करता है। यह सांप धरती पर सबसे तेज चलने वाला सांप है जो कि 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से अपने शिकार का पीछा कर सकता है। ऐसे में इसके शिकार का इससे बचना लगभग नामुमकिन है।

सीधे गर्दन पर वार…बचने का मौका नहीं

वैसे Black Mamba खुद इंसानों से खतरा महसूस करने पर सीधे काटता नहीं है बल्कि बचने की कोशिश करता है लेकिन अगर इसे गुस्सा आ गया तो यह एक बार में एक साथ 100 लोगों को काट सकता है। रत्नेश बताते हैं कि आज तक इसका काटा कोई शख्स जिंदा बचा हो, इसका रेकॉर्ड नहीं है। दरअसल, ये सांप गुस्सा होने पर अपनी पूरी लंबाई के साथ बिलकुल 90 डिग्री वर्टिकल पोजिशन में अपनी पूंछ पर खड़ा हो जाता है। ऐसी ही पोजिशन मे यह व्यक्ति के सिर पर या गर्दन पर काटता है। आमतौर पर सांप के हाथ या पैर पर काटने से दबाव लगाकर जहर निकाला जा सकता है लेकिन सिर या गर्दन पर ऐसा नहीं किया जा सकता। इसलिए इसके काटने पर किसी को बचाया नहीं जा सकता। इसका गुस्सा इतना तेज होता है कि खतरा महसूस होने पर ये लगातार 10-12 बार काटता है और 400 मिलीग्राम तक जहर इंसान के शरीर में छोड़ देता है। बलैक मांबा का सिर्फ 1 मिलीग्राम जहर ही इंसान को मारने के लिए काफी है।

इंसान यूं रहते हैं इन सांपों के बीच

रत्नेश बताते हैं कि वह जहां काम करते हैं उस सीस्मिक ब्लॉक में भी ब्लैक मांबा और ग्रीन मांबा की बहुतायत है। इस लिए जब भी वे सर्वे के लिए जाते हैं तो इन सापों से बचने के लिए स्नेक प्रोटेक्ट गार्ड का उपयोग करते हैं। उन्होंने बताया है कि उनके कैंप के इर्द-गिर्द मेटल की दो जालियां लगाई जाती हैं जिनके बीच की जगह में मुर्गियां छोड़ दी जाती हैं। अगर सांप बाहर से कैंप में दाखिल होता है तो मुर्गियां चिल्लाने लगती हैं जो अलार्म की तरह काम करता है। जंगलों में रहे और जंगली जानवरों के बीच बढ़े वहां की स्थानीय मसाई जनजाति के लोग फिर इस सांप से निपटते हैं।

कई कहानियां, कई भ्रम

इस सांप को लेकर कई तरह के भ्रम भी हैं। कई मौकों पर इसके मवेशियों को मारने की खबरें आईं। हालांकि, इन्हें गलत बताया गया है क्योंकि गाय-भैसों से इसे कोई खतरा नहीं होता। इसलिए उन पर यह हमला नहीं करता है। एक कहानी तो यह भी है कि Ndlondo नाम के Black Mamba के सिर पर एक पंख होता है और यह बिजली से तेज वार करता है। यह भी कहा जाता है कि यह झाड़ी में छिपकर बच्चे की तरह रोता है और अगर कोई इसे देखने जाए तो यह हमला कर देता है। हालांकि, स्थानीय एक्सपर्ट्स का कहना है बहुत पहले हुए राजा शाक और उनके सैनिकों की तुलना में इस सांप को तेज-तर्रार बताने के लिए ऐसी कहानी कही जाती है। इसे आजकर देखा नहीं गया है।



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