BMC की तोड़फोड़ पर बोले अनुपम खेर- प्रहार कंगना के घर पर नहीं, मुम्बई की ज़मीर पर हुआ है

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महाराष्ट्र सरकार के साथ तू-तू-मैं-मैं कंगना रनौत को भारी पड़ गया है। शिवसेना से हुई जुबानी भिड़ंत के बाद अचानक बीएमसी बीच में कूद पड़ा और आज कंगना के मुंबई ऑफिस पर बुल्डोजर चला दी गई। कंगना के ऑफिस पर इस तरह बीएमसी की कार्रवाई देख कइयों का दिल दहल गया और बॉलिवु़ सितारे इसके खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। कंगना के ऑफिस पर बीएमसी की कार्रवाई को गलत बताते हुए अनुपम खेर ने इस घटना पर अफसोस जताया है।

कंगना के इस सपनों के आशियाने में काफी बेरहमी से तोड़-फोड़ की गई। कंगना के ऑफिस पर बीएमसी की इस कार्रवाई पर अफसोस जताते हुए अनुपम खेर ने लिखा, ‘ग़लत ग़लत ग़लत है !! इसको bulldozer नहीं #Bullydozer कहते हैं। किसी का घरौंदा इस बेरहमी से तोड़ना बिल्कुल ग़लत है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव या प्रहार कंगना के घर पर नहीं, बल्कि मुम्बई की ज़मीन और ज़मीर पर हुआ है। अफ़सोस अफ़सोस अफ़सोस है।’

बता दें कि कंगना ने खुद बीएमसी की इस कार्रवाई को लेकर तीखा वार सीधे किया। उन्होंने वीडियो पोस्ट कर कहा, ‘उद्धव ठाकरे, तुझे क्या लगता है कि तूने फिल्म माफिया के साथ मिलकर, मेरा घर तोड़ के मुझसे बहुत बड़ा बदला लिया है? आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा। ये वक्त का पहिया है याद रखना, हमेशा एक जैसा नहीं रहता और मुझे लगता है तुमने मुझपर बहुत बड़ा एहसान किया है, क्योंकि मुझे पता तो था कि कश्मीरी पंडितों पे क्या बीती है, आज मैंने महसूस किया है। …और आज मैं इस देश को वचन देती हूं कि मैं सिर्फ अयोध्या पर ही नहीं कश्मीर पर भी एक फिल्म बनाऊंगी और अपने देशवासियों का जगाऊंगी, क्योंकि मुझे पता था कि ये हमारे साथ होगा तो होगा, लेकिन मेरे साथ हुआ है। इसका कोई मतलब है, इसके कोई मायने हैं। और उद्धव ठाकरे, ये जो क्रूरता, ये जो आतंक है…अच्छा हुआ ये मेरे साथ हुआ क्योंकि इसके कुछ मायने हैं। जय हिन्द, जय महाराष्ट्र।’

इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने भी अपना विचार व्यक्त किया है।

कंगना ने कुछ ट्वीट्स में बीएमसी की कार्रवाई के बाद अपने ऑफिस का नजारा भी दिखाया है, जहां हर तरफ सबकुछ टूटा-फूटा नजर आ रहा है।

कंगना ने अपने ऑफिस के लिए पिछले दिनों कहा था, ‘ये मुंबई में मणिकर्णिका फिल्म्स का ऑफिस है, जिसे मैंने पंद्रह साल मेहनत कर के कमाया है, मेरा ज़िंदगी में एक ही सपना था मैं जब भी फिल्म निर्माता बनूं मेरा अपना खुद का ऑफिस हो, मगर लगता है ये सपना टूटने का वक़्त आ गया है, आज वहां अचानक बीएमसी के कुछ लोग आए हैं।’



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