Burevi cyclone update: आज रात तमिलनाडु का तट पार करेगा बुरेवी चक्रवात, केरल समेत पूरे राज्‍य में हाई अलर्ट जारी

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चेन्‍नै
तमिलनाडु के रामेश्वरम में चक्रवाती तूफान बुरेवी के कारण तटीय क्षेत्रों में हवाओं के साथ-साथ समुद्र में लहरें भी तेज़ होने लगी हैं। भारत मौसम विभाग के अनुसार बुरेवी गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह तक दक्षिणी तमिलनाडु के तट को पम्बन और कन्याकुमारी के बीच से पार करेगा।

केरल में के शुक्रवार तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने स्थिति से निपटने के लिए 2000 से अधिक राहत शिविर खोले हैं और 5 दिसंबर तक तट पर मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

पीएम मोदी ने सीएम विजयन से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से बात की और उन्हें केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। विजयन ने कहा कि मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथनमथिट्टा, कोट्टायम, अलप्पुझा, इडुक्की और एर्णाकुलम जिलों में तीन से 5 दिसंबर तक भारी बारिश और तेज हवा चलेगी।

अमित शाह ने भी दिलाया मदद का भरोसा
चक्रवात की तैयारियों को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने भी तमिलनाडु और केरल के मुख्‍यमंत्रियों से बात की है। इस बारे में अमित शाह ने कहा, ‘मोदी सरकार तमिलनाडु और केरल की जनता की हर संभव मदद करने को प्रतिबद्ध है। दोनों ही राज्‍यों में एनडीआरएफ की कई टीमें लगा दी गई हैं।’

तमिलनाडु में फसलों को हुए नुकसान का आकलन शुरू
चक्रवात बुरेवी के आगमन की आशंकाओं के बीच तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों ने चक्रवात निवार से हुए फसलों के नुकसान का प्राथमिक मूल्यांकन शुरू कर दिया है और किसानों ने पर्याप्त मुआवजे की मांग की है। इस चक्रवात ने 26 नवंबर तमिलनाडु और पुडुचेरी के बीच तट को पार किया था, फलस्वरूप कुड्डालोर, अरियालूर, चेंगलपट्टू, चेन्नई और तिरूवनमलाई समेत 18 जिलों में भारी नुकसान हुआ था।

कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रभावित जिलों से प्राप्त फसल के नुकसान के अनुमान, अनुकूल कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी को सौंपे जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक अनुमान के अनुसार रानीपेट जिले में करीब 3.10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और 5,734 एकड़ क्षेत्र में धान समेत कई फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं।

बारिश से प्याज की फसल नष्टतिरुवनमलाई जिले के किसानों को अफसोस है कि लगातार बारिश और निवार से प्याज की उनकी फसल नष्ट हो गई। विल्लुपुरम जिले में धान के अलावा दालों, मूंगफली, गन्ने की फसलें और बागवानी की फसलें पानी में डूब गईं। जिले में 9000 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गईं।



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