Corona Cases in India : भारत में गुजर गया कोरोना का पीक, फिर भी सतर्क रहने की जरूरत

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17 सितंबर को भारत में सात दिनों में रोजाना नए कोरोना केस का औसत 93,199 रहा था। यह केवल देश ही नहीं, दुनिया के लिए एक रेकॉर्ड था। हालांकि, तब से रोजोना नए कोरोना केसों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई। 4 अक्टूबर तक पिछले 17 दिनों में सिर्फ एक दिन 1 अक्टूबर को ही रोजाना के औसत में वृद्धि दर्ज की गई थी।

​अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया में दूसरा पीक

अमेरिका में दो बार कोरोना का पीक आया जबकि यूरोप के कई देशों में दूसरी पीक आ रहा है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में एक बार कोरोना के नए केसों का पीक आने के बाद स्थितियां संभलने लगीं, लेकिन दोबारा रोजाना नए कोरोना केस बढ़ने लगे और बढ़ते चले गए।

​यूरोप में कोरोना की दूसरी लहर

सभी महादेशों में कोरोना के ऐवरेज डेली केस की तुलना करने पर पता चलता है कि यूरोप में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर आ गई है। दुनिया के जिन 17 देशों में 4 अक्टूबर को कोरोना के 50 हजारे से ज्यादा केस थे और जहां पिछले दो हफ्ते में कोरोना केस 20% बढ़ गए, उनमें 10 देश यूरोप के हैं। ऊपर के ग्राफ में अमेरिकी देशों को एकसाथ रखा गया है जबकि ऑस्ट्रेलिया और इसके पड़ोसी देशों को ओसियानिया में रखा गया है।

​पहली से भी बड़ी दूसरी लहर

आंकड़े बताते हैं कि दूसरी लहर में रोजोना नए कोरोना केस, पहली लहर के रोजोना नए केस के मुकाबले बहुत ज्यादा हैं। बेल्जियम, फ्रांस, स्पेन और यूके में अब पहले पीक से ज्यादा केस दिखने लगे हैं। कुछ देशों में बहुत ऊंची दर से केस बढ़ रहे हैं। मसलन, चेक रिपब्लिक (CZECHIA) में पिछले दो हफ्तों में 67% केस बढ़ गए जबकि इसी दौरान नीदरलैंड और फ्रांस में 30% केस बढ़े।

​इन देशों में कमजोर है कोरोना की दूसरी लहर

यूरोप में कोरोना की दूसरी लहर मध्य जुलाई से शुरू हुई थी। तब से संक्रमितों की मौत की दर उससे पहले की अवधि के मुकाबले बहुत कम रही है। इसका कारण वायरस की बेहतर समझ पैदा हो जाना है। कोरोना की दूसरी लहर आते-आते महीनों का अनुभव प्राप्त हो गया जिस कारण महामारी से ज्यादा दक्षता के साथ निपटा जा रहा है।



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