CRPF के जख्‍मी शेर से मिलिए, जिस्‍म में दो गोलियां धंसी थीं मगर आतंकी को जहन्‍नुम पहुंचाकर ही लिया दम

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हाइलाइट्स:

  • जम्‍मू और कश्‍मीर के बाटमालू में गुरुवार को हुआ था एनकांटर, तीन आतंकी ढेर
  • सीआरपीएफ और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस की जॉइंट टीम खुफिया सूचना पर गई थी
  • डिप्‍टी कमाडेंट राहुल माथुर को सीने और पेट में लगी गोलियां, मगर कोई फर्क नहीं
  • जवाबी फायर किया और आतंकी को मौत के घाट उतारा, फिर आर्मी हॉस्पिटल आए

नई दिल्‍ली
देश की सुरक्षा में लगे जवानों की फितरत ही कुछ अलग होती है। वतन के लिए मर मिटने का जज्‍बा ऐसा कि शरीर पर जख्‍मों का एहसास भी नहीं होता। एक कहावत है कि जख्‍मी शेर बहुत खतरनाक होता है। सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के डिप्‍टी कमांडेंट राहुल माथुर फिलहाल जख्‍मी हैं मगर उनका कातिलाना अंदाज बरकरार है। श्रीनगर के मिलिट्री हॉस्पिटल से आई यह तस्‍वीर बहादुरी का जीता-जागता सबूत है। सीआरपीएफ ने भी लिखा है कि, ‘अगर बहादुरी का कोई चेहरा होता है तो शायद वह ऐसे ही मुस्‍कुराता होगा।” माथुर गुरुवार को जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकियों संग मुठभेड़ में बुरी तरह घायल हो गए थे। बदन में दो-दो गोलियां धंसी हुई थी। शेर जख्‍मी था तो क्‍या, अपना शिकार कैसे छोड़ देता। तो उसी हालत में माथुर ने जवाबी फायर किया और आतंकी को जहन्‍नुम पहुंचा दिया।

जख्‍मी हाल में ही आतंकी को किया ढेर
खुफिया इनपुट्स थे कि बातमालू के फिरदौसाबाद में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं। बुधवार रात को ही डिप्‍टी कमाडेंट राहुल माथुर की अगुवाई में सीआरपीएफ और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस की टीम स्‍पॉट के लिए रवाना हो गई। गुरुवार की सुबह अभी हुई भी नहीं थी कि टीम उस घर को घेर चुकी थी। दरवाजे बंद थे तो राहुल माथुर दीवार चढ़ गए और घर में घुसे। कमरे छानने शुरू किए तो एक में छिपे बैठे आतंकी ने फायर झोंक दिया। राहुल की छाती और पेट में गोलियां लगीं। मगर जख्‍मों की परवाह किसे थे। माथुर ने उसी हालत में जवाबी फायर किया और वहीं पर आतंकी को ढेर कर दिया।

कुल तीन आतंकियों को किया गया ढेर
ऑपरेशन जारी रहते ही घायल हालत में माथुर को श्रीनगर स्थित आर्मी हॉस्पिटल लाया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। स्‍पॉट पर मौजूद जवानों ने ऑपरेशन जारी रखा। वहां से सर्च ऑपरेशन के बाद दो और आतंकियों को मार दिया गया। उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है।

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पुलवामा जैसा हमला टला
दूसरी तरफ, सुरक्षाबलों ने गुरुवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। ऐसी संभावना है कि आतंकी इस विस्फोटक का इस्तेमाल पुलवामा जैसे ही किसी बड़े हमले के लिए करने वाले थे। खोज के दौरान, दो विस्फोटक डंप पाए गए, जिन्हें दो अलग-अलग 250 लीटर वाले प्लास्टिक टैंकों में जमीन के नीचे छुपाया गया था। पुलिस ने कहा, “एक प्लास्टिक टैंक में 416 उच्च-विस्फोटक जिलेटिन स्टिक्स बरामद की गई हैं, जबकि एक अन्य प्लास्टिक टैंक में 50 डेटोनेटर्स को बरामद किया गया है। डेटोनेटर्स को बम डिस्पोजल स्क्वाड की ओर से उन्हें ले जाने के जोखिम के कारण मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।”

CRPF के डिप्‍टी कमांडेंट राहुल माथुर।



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