DRDO के ‘अर्जुन’ ने दागी लेजर-गाइडेड ऐंटी टैंक मिसाइल, 3 किलोमीटर दूर टारगेट के उड़े परखच्‍चे

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हाइलाइट्स:

  • DRDO ने हासिल की एक और उपलब्धि, ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का टेस्‍ट सफल
  • ‘अर्जुन’ टैंक से किया गया फायर, 3 किलोमीटर दूर मौजूद टारगेट को किया धवस्‍त
  • मिसाइल में हीट वारहेड से लेकर रिऐक्टिव आर्मर लगााने की भी सुविधा
  • अहमदनगर की केके रेंज में हुआ टेस्‍ट, यहीं पर है आर्मर्ड कॉर्प्‍स का स्‍कूल
  • रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा, आयात पर निर्भरता कम करने में जुटा है DRDO

नई दिल्‍ली
चीन सीमा पर तनाव के बीच भारत रोज नए-नए हथियारों का टेस्‍ट कर रहा है। डिफेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने मंगलवार को दो खास टेस्‍ट किए। पहले तो ABHYAS का सफल फ्लाइट टेस्‍ट हुआ। फिर MBT अर्जुन टैंक से लेजर-गाइडेड ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (AGTM) का टेस्‍ट फायर किया गया। मिसाइल ने 3 किलोमीटर दूर टारगेट पर एकदम सटीक वार किया और उसे ध्‍वस्‍त कर दिया। AGTM का टेस्‍ट अहमदनगर के आर्मर्ड कॉर्प्‍स सेंटर ऐंड स्‍कूल (ACC&S) की केके रेंज में हुआ। रक्षा मंत्री ने इस उपलब्धि पर DRDO की पूरी टीम को बधाई दी है।

राजनाथ सिंह ने DRDO साइंटिस्‍ट्स को सराहा
यह मिसाइल DRDO की आर्मामेंट रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट इस्‍टैब्लिशमेंट (ARDE) के कैनन लॉन्‍ड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बनाई गई है। फिलहाल इसे अर्जुन टैंक से लॉन्‍च किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ATGM के सफल टेस्‍ट पर डीआरडीओ को बधाई दी है। उन्‍होंने कहा, ‘भारत को टीम डीआरडीओ पर गर्व है जो लगातार भविष्‍य में आयात निर्भरता कम करने के लिए काम कर रही है।’

DRDO के ATGM में क्‍या है खास?

  • ATGM को कई प्‍लैटफॉर्म से लॉन्‍च किया जा सकता है। टेस्‍ट के लिए ‘अर्जुन’ टैंक का इस्‍तेमाल हुआ है।
  • हीट (हाई स्‍पीड एक्‍सपेंडेबल एरियल टारगेट) वारहेड के जरिए एक्‍सप्‍लोसिव रिऐक्टिव आर्मर (ERA) प्रोटेक्‍टेड वेहिकल्‍स को उड़ाती है।
  • यह मिसाइल मॉडर्न टैंक्‍स से लेकर भविष्‍य के टैंक्‍स को भी नेस्‍तनाबूद करने में सक्षम होगी।
  • मिसाइल का हेड ऐसा है जो इसे मूविंग टारगेट को एंगेज करने की क्षमता देता है।
  • ATGM के जरिए कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हेलिकॉप्‍टर्स को भी ढेर किया जा सकता है।


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भारत के पास ‘नाग’ जैसी गाइडेड मिसाइल पहले से है। फिलहाल उसे NAMICA मिसाइल कैरियर (Nag Missile Carrier) से छोड़ा जाता है। ‘नाग’ मिसाइल बड़े-बड़े टैंक्‍स को किसी भी मौसम में निशाना बना सकता है। इसमें इन्‍फ्रारेड भी है जो लॉन्‍च से पहले टारगेट को लॉक करता है। यह मिसाइल अचानक ऊपर उठती है कि फिर तेजी से ऐंगल पर मुड़कर अपने टारगेट की ओर जाती है।


‘अभ्‍यास’ मिसाइल वेहिकल में क्‍या है खास?
DRDO ने मंगलवार को ही ‘अभ्‍यास’ हाई स्‍पीड एक्‍सपेंडेबल एरियल टारगेट (HEAT) का बालासोर में टेस्‍ट किया था। इससे पहले मई 2019 में भी इसका सफल टेस्‍ट हो चुका है। यह मिसाइल वेहिकल 5 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ सकता है। इसकी रफ्तार आवाज की रफ्तार से आधी है। इसमें 2G क्षमता है और 30 मिनट तक ऑपरेट करने की क्षमता है। यह पूरी तरह से ऑटोनॉमस फ्लाइट लेने में सक्षम है।

Anti-Tank-Missiles

अहमदनगर में हुआ टेस्‍ट फायर।



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