Exclusive: अनपढ़-ज़ाहिल-बेवकूफ हैं कंगना रनौत, नहीं हुआ मीना कुमारी का हलाला – ताजदार अमरोही

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दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस ( Sushant Singh Rajput case ) पर जब बॉलिवुड ऐक्ट्रेस कंगना रनौत ने अपनी बात कहनी शुरू की तो इस पूरे केस ने नया मोड़ ले लिया है। कंगना ने बॉलिवुड में ड्रग्स की बात पर जोर दिया और मांग की फिल्म इंडस्ट्री के स्टार्स के ब्लड की जांच हो। इस दौरान उन्होंने कई ट्वीट भी किए, जिनसे महाराष्ट्र सरकार और BMC पर सवाल खड़े किए। यह जुबानी लड़ाई इतनी बढ़ गई कि BMC ने कंगना के मुंबई के बांद्रा में स्थित ऑफिस में बुल्डोजर चलवा दिया।

मीना कुमारी के बेटे ने कंगना को खूब खरी-खोटी सुनाई
मुंबई पहुंचने के बाद कंगना ने एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में मीना कुमारी का नाम लेते हुए कहा कि उनका हलाला हुआ था। कंगना द्वारा ऐक्ट्रेस मीना कुमारी के बारे में इस तरह की बेसिर-पैर और झूठी बातों से मीना कुमारी के स्टेप सन ताजदार अमरोही तिलमिला गए। नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से हुई खास बातचीत में ताजदार अमरोही का गुस्सा कंगना पर साफ तौर पर दिखाई दिया।

कंगना ने अमरोही परिवार की गुडविल को नुकसान पहुंचाया
ताजदार कहते हैं, ‘हम उस खानदान के लोग हैं, जहां मेरी छोटी अम्मी, पिता से अलग रहने लगी थीं, जाहिर है नाराज थीं, लेकिन कभी भी किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की। ठीक इसी तरह मेरे अब्बू कमाल अमरोही भी इस मामले में खामोश रहे। यह पारिवारिक मामले इसी तरह सुलझाए जाते हैं। यह अब्बू और अम्मी की मोहब्बत थी, जो एक-दूसरे से अलग होने के बावजूद, एक-दूसरे का बड़ा सम्मान करते थे। अब देखिए इस मोहब्बत को कि हम मुसलामानों में कोई अपनी कब्र की जगह पहले से मुकर्रर नहीं कर सकता, लेकिन पहले अम्मी मीना कुमारी का इंतकाल हुआ और सालों बाद अब्बू का। इत्तफाक देखिए दोनों की कब्रें बिलकुल अगल-बगल हैं। आप इसे क्या कहेंगे।’

बेवकूफ लड़की है कंगना, कुछ नहीं पता उसे हलाला के बारे में
‘हमारे खानदान की, मीना कुमारी की एक गुडविल है, उनका सम्मान है और कंगना जैसी बेवकूफ लड़की हमारे परिवार की साख पर धब्बा लगा रही हैं। कंगना रनौत ने एक टीवी चैनल में बातचीत के दौरान मेरी छोटी मां ( मीना कुमारी ) का नाम लेते हुए कहा कि मीना कुमारी का हलाला हुआ था। उस बेवकूफ लड़की ( कंगना रनौत को यह मालूम तक नहीं है कि छोटी अम्मी ( मीना कुमारी ) एक शिया मुसलमान थीं, मेरे अब्बू कमाल अमरोही भी शिया मुस्लिम थे और शिया मुसलामानों में हलाला जैसी कोई चीज कभी भी नहीं होती है, देना भी चाहें तो नहीं होगा।’

मीना कुमारी का हलाला कभी नहीं हुआ, हो ही नहीं सकता था
‘मैं कई बार लोगों को यह बता चुका हूं कि मेरी मां ( मीना कुमारी ) का हलाला नहीं हुआ है, आज फिर से समझकर बता रहा हूं। जब लोग बार-बार इस तरह मेरी अम्मी के बारे में कहते हैं तो मुझे बहुत ज्यादा तकलीफ होती है। कंगना ने अपनी बेवकूफी में मेरी तकलीफ को फिर से बढ़ा दिया। अब आप सोचिए कंगना को जिस लेवल पर इस समय मीडिया में कवरेज मिल रहा है, वैसा कवरेज बड़े-बड़े नेताओं को, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी नहीं मिला है।’

कंगना को मीना कुमारी के बारे में जाहिलों जैसा कॉमेंट नहीं करना चाहिए
‘अब ऐसे में जब कंगना नैशनल टीवी पर बैठकर मेरी मां मीना कुमारी के बारे में यह कहती हैं कि उनका हलाला हुआ है तो लोगों को लगेगा कि कंगना ने यह बात जरूर कोई अच्छी जांच-पड़ताल के बाद कही होगी। ऐसे में जो हमने अब तक लोगों को बताया, लोगों के मन में फिर से यह बात जैम जाएगी कि मीना कुमारी का हलाला हुआ था। मेरे परिवार, अब्बू-अम्मी के रिश्ते पर कंगना ने जो यह आघात किया है, वह बहुत बुरा है। आप जब किसी खानदान के बारे में कोई भी नेगेटिव टिप्पणी करें तो, पता कर लें कि सच्चाई क्या है। कंगना को इस बारे में सच्चाई बतानी चाहिए, अमरोही खानदान और मीना कुमारी के परिवार से माफी मांगना चाहिए। इससे लोगों को जो गलतफहमी हुई है, वह दूर होगी।’

अनपढ़-गंवार हैं कंगना, 15 साल में घर छोड़ा, पढ़ाई-लिखाई नहीं कर पाई होगी
‘मैं इन बातों को हवा नहीं देना चाहता था, इसलिए कोई बात उस समय नहीं की, लेकिन जब कंगना का वह इंटरव्यू बार-बार इंटरनेट में दिखाई दे रहा, लोग गलत समझ रहे हैं। कंगना रनौत बड़ी ही ज़ाहिल लड़की है, पढ़ी-लिखी तो है नहीं वह, अब जो लड़की 15 साल की उम्र में, जैसा वह कहती है, अपना घर छोड़ दिया था, इसका मतलब है कि पढ़ाई पूरी नहीं की। पढ़ाई की उम्र में वह मुंबई आ गई थीं। अब चूंकि यह लड़की जाहिल-गंवार है, इसलिए मैं कोई ऐक्शन नहीं ले रहा हूं, पढ़ी-लिखी होती तो मैं मानहानि का दावा करता। कंगना को यह माइलेज सिर्फ इसलिए मिल रही है क्योंकि वह लड़की है, कंगना बार-बार महिला कार्ड का इस्तेमाल कर खबरों में आती हैं।’

गाली नहीं है हरामखोर, उर्दू में इसका मतलब समझें
‘संजय राउत ( Sanjay Raut ) ने कंगना को हरामखोर कहा और आप जाहिल-गंवार और बेवकूफ कह रहे हैं? जवाब में ताजदार कहते हैं, ‘हरामखोर का मतलब गाली नहीं है और न ही बेवकूफ कहना गाली है। हरामखोर का मतलब है, कोई ऐसी चीज जो किसी भी व्यक्ति-विशेष के लिए हराम है, जैसे मुस्लिम धर्म में शराब जैसी कई और चीजें हराम होती हैं और खोर का मतलब होता है- करने वाला। जैसे शराब हराम है, पीने वाला खोर है। सुअर खाना हराम है और खाने वाला खोर होता है। यह शब्द उर्दू का है, जिसको समझना चाहिए। जैसे ड्रग हराम है, हराम होने के बावजूद उसे लेने वाला खोर है। हराम वह चीज है, जिसको लेने, खाने, करने से खुद को नुकसान पहुंचे। बेवकूफी करना और बेवकूफ कहना गाली नहीं है। अब संजय राउत कह भी रहे हैं कि गाली नहीं दिया, लेकिन कोई उनकी बात नहीं सुन रहा।’

ऊंगली करेंगी तो घर टूटेगा ही
‘कंगना या किसी पार्टी विशेष से मेरी कोई दुश्मनी नहीं है। उनके घर तोड़ने का मामला फिलहाल कोर्ट में हैं, इसलिए इस पर कुछ नहीं कहूंगा। अब आप किसी पर बार-बार उंगली करेंगे तो हर ऐक्शन का रिऐक्शन तो होगा ही। कंगना के पास यह जो अपार दौलत और शोहरत है, वह किसने दिया, क्या पैदा होते ही उनको मिल गई थी। अरे यह मान-सम्मान, दौलत-शोहरत इसी मुंबई में मिला है, तो क्यों वह इस शहर को बुरा-भला कहती हैं।’

मुख्यमंत्री के लिए कंगना की तू-तुकेर से उनके खानदान का पता चलता हैं
‘कंगना जिस तरह से बात करती हैं, उनके शब्दों और बात कहने के अंदाज में दिखाई देता है कि वह किस तरह के खानदान से आती हैं। उनकी भाषा से वह अपने खानदान के बारे में बता रही हैं। तू-तुकेर से बात करना कितना सही है। वह किसी व्यक्ति-विशेष की बेईज्जती नहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ( Chief Minister Uddhav Thackeray ) के कुर्सी सम्मान नहीं किया है।’

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