FinCEN Files : खजाना छिपाने वाले घोटालेबाजों, धोखेबाजों और जालसाजों पर बड़ा खुलासा, बैंकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल

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हाइलाइट्स:

  • अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट प्रकाशित की है
  • अमेरिकी सरकार के एक डिपार्टमेंट के गुप्त दस्तावेजों के हवाले से कई बड़े खुलासे हुए हैं
  • भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा, धोखेबाजी, जालसाजी से खजाना भरने वालों का खुला कच्चा चिट्ठा

नई दिल्ली
अमेरिकी सरकार के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के फाइनैंशल क्राइम्स एन्फोर्समेंट नेटवर्क (FinCEN) के पास भारत के घोटालेबाज नेताओं, भ्रष्ट नौकरशाहों, बैंकों को चूना लगाने वाले पूंजीपतियों और जालसाजों का वो कच्चा चिट्ठा है जो देश की राजनीति में भूचाल खड़ा कर सकता है। इंटरनैशनल कंसोर्शियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट (ICIJ) की छतरी तले 88 देशों के 109 मीडिया संस्थानों ने फिनसेन फाइल्स में दर्ज इन कच्चे चिट्ठों को हासिल कर लिया है।

अंग्रेजी अखबार का दावा

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2,000 ऐसे गुप्त दस्तावेजों की छानबीन के बाद कई भारतीयों के नाम सामने आए हैं जिन्होंने बड़ी मात्रा में पैसों का अवैध ट्रांजैक्शन किया। दस्तावेजों में उन बैंकों के नाम भी दर्ज हैं जो दिमाग सन्न कर देने वाले इन फर्जीवाड़ों का जरिया बने और उन्हें रोक पाने में नाकामयाब रहे।

बेहद गुप्त दस्तावेजों में इन घोटालों का जिक्र
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, फिनसेन के बेहद गुप्त दस्तावेजों में 2 लाख करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की कहानी जब्त है। अखबार का दावा है कि उसने इन दस्तावेजों में उन लोगों के नाम खंगालने की कोशिश की जिनके खिलाफ भारत में अलग-अलग एजेंसियां जांच कर रही हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, फिनसेन के इन दस्तावेजों में 2जी स्कैम, अगस्ता वेस्टलैंड स्कैंडल, रॉल्स रॉयस घूस कांड और एयरसेल-मैक्सिस केस समेत भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी के कई मामलों से जुड़े लोगों और कंपनियों के नाम दर्ज हैं। भारत में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) जैसी एजेंसियां इन मामलों की जांच कर रही हैं।

इन लोगों और कंपनियों के नाम शामिल

अखबार के मुताबिक, दस्तावेजों की छानीबन में जिनके नाम सामने आए, उनमें जेल में बंद कलाकृतियों और बहुमूल्य वस्तुओं का तस्कर, भारत में जन्मे लोगों की एक ग्लोबल डायमंड कंपनी, हेल्थकेयर और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर की एक प्रमुख ग्रुप कंपनी, नीलाम हो चुकी एक स्टील कंपनी, कई अति धनाढ्यों को चूना लगाने वाला एक लग्जरी कार डीलर, भारत की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी, आईपीएल टीम का एक स्पॉन्सर, ईडी के तहत बड़ा बवाल मचाने वाला एक कथित हवाला डीलर, भारत के अंडरवर्ल्ड डॉन का एक प्रमुख फाइनैंसर समेत कई अन्य लोग एवं कंपनियां शामिल हैं।

44 भारतीय बैंकों से हुए ट्रांजैक्शन

रिपोर्ट कहती है कि ज्यादातर मामलों में विभिन्न बैंकों के भारत में स्थापित शाखाओं का इस्तेमाल फंड मंगवाने में किया गया। कुछ मामलों में भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं के अकाउंट्स के जरिए भी ट्रांजेक्शन हुए। इस तरह, फिनसेन फाइल्स में 44 भारतीय बैंकों के नाम हैं जो भारत में विदेशी बैंकों के प्रतिनिधि हैं। इनमें पंजाब नैशनल बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, कैनरा बैंक, इंडसइंड बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं।

18 सालों का पूरा कच्चा चिट्ठा

जिन 3,201 ट्रांजैक्शन में पैसे भेजने वालों, बैंकों और पैसे प्राप्त करने वालों का पता भारत में है, उन्होंने कुल 1.53 अरब डॉलर (करीब 112 अरब रुपये) का लेनदेन किया है। इनके अलावा, हजारों ऐसे ट्रांजैक्शन हुए हैं जिनका पता विदेशों का है। ध्यान रहे कि फिनसेन फाइल्स से हाथ लगे इन दस्तावेजों में 1999 से 2017 के बीच दर्ज हुईं भारत से संबंधित घटनाओं का जिक्र है।



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