Galwan Valley Clash: चीनी जवान के कब्र की तस्वीर हुई लीक, PLA में बढ़ा असंतोष का खतरा

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हाइलाइट्स:

  • गलवान घाटी में खूनी संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, चीन के भी 40 सैनिक हताहत हुए थे
  • भारत ने जहां अपने मारे गए सैनिकों की संख्‍या ऐलान किया लेकिन चीन ने आजतक कोई जानकारी नहीं दी
  • सूत्रों के मुताबिक पीएलए में अंसतोष बढ़ रहा है, इसी वजह से चीनी सैनिक के कब्र की तस्‍वीर सामने आई

पेइचिंग/नई दिल्‍ली/वॉशिंगटन
लद्दाख के गलवान घाटी में खूनी संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे और चीन के भी 40 से ज्‍यादा सैनिक हताहत हुए थे। भारत ने जहां अपने मारे गए सैनिकों की संख्‍या का ऐलान किया लेकिन चीन ने आजतक अपने मारे गए सैनिकों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। अब पहली बार चीनी सैनिक के कब्र की तस्‍वीर वायरल हो गई है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक पीएलए में तेजी से अंसतोष बढ़ रहा है और इसी वजह से चीनी सैनिक के कब्र की यह तस्‍वीर दुनिया के सामने आई है।

भारतीय रक्षा सूत्रों ने कहा कि हमारे पास पहले से ही इस बात के साक्ष्‍य है कि गलवान घाटी में चीन के सैनिकों को मौत हुई है। उन्‍होंने कहा, ‘भारतीय सेना कभी भी दूसरे देश के सैनिकों की मौत की संख्‍या के बारे में टिप्‍पणी नहीं करती है। यह चीन की सेना में बढ़ते असंतोष की वजह से इस तरह की तस्‍वीर लीक हो रही है। जहां तक हमारी बात है तो हम हताहतों के बारे में जानते हैं।’

तस्वीर में सैनिक की पूरी डीटेल
बता दें कि ‘चीनी ट्विटर’ कही जाने वाली वहां की माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर वायरल हो रही यह चीनी चीनी सैनिक के कब्र की तस्वीर उसके झूठ की पोल खोल रही है। चीनी मामलों के एक एक्सपर्ट ने दावा किया है कि इंटरनेट पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है जिसमें गलवान में मारे गए चीनी सैनिक की कब्र दिखाई दे रही है। चीनी मामलों के एक्सपर्ट एम टेलर फ्रैवल ने दावा किया है कि चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट Weibo पर यह तस्वीर शेयर की गई है।

इसमें दिख रही कब्र एक 19 साल के चीनी सैनिक की है जिसकी मौत ‘चीन-भारत सीमा रक्षा संघर्ष’ में जून 2020 में हो गई। उसके फुजियान प्रांत से होने का दावा किया गया है। टेलर ने यह भी बताया है कि तस्वीर में दिख रही कब्र पर सैनिक की यूनिट का नाम 69316 बताया गया है जो गलवान के उत्तर में स्थित चिप-चाप घाटी में तियानवेन्दियन की सीमा रक्षा कंपनी लग रही है।

चीन ने नहीं किया कभी स्वीकार

टेलर ने दूसरे सूत्र के हवाले से लिखा है कि यह 13वीं सीमा रक्षा रेजिमेंट का हिस्सा है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि 2015 में इस यूनिट का नाम केंद्रीय सैन्य आयोग ने ‘युनाइटेड कॉम्बैट मॉडल कंपनी’ रख दिया था। उन्होंने लिखा है कि इससे पता चलता है कि गलवान घाटी में चीन ने कौन सी यूनिट तैनात की थीं। लद्दाख की गलवान घाटी में मई से पैदा हुए तनावपूर्ण हालात 15 जून को हिंसक झड़प के रूप में जमीन पर उतरे। इस दौरान डिसइंगेजमेंट के तहत चीनी सैनिक तय जगह से पीछे हटे या नहीं, यह चेक करने गए भारतीय सैनिको पर चीन के सैनिकों ने कांटेदार लाठियों से हमला कर दिया था। इस घटना में 20 भरतीय जवान शहीद हो गए थे जबकि चीन ने इस बात को स्वीकार ही नहीं किया कि उसके सैनिक भी घायल हुए हैं।

घटनास्थल के पास चीन के हेलिकॉप्टर भी देखे गए जो घायल और मृत सैनिकों को लेकर गए। चीन ने यह तो स्वीकार किया कि उसके भी सैनिक मारे गए लेकिन कितने सैनिक मारे गए, इस पर कुछ नहीं कहा। यहां तक कि उसने अपने मारे गए सैनिकों का सम्मान के साथ विधिवत अंतिम संस्कार भी नहीं किया, जिसे लेकर उन सैनिकों के परिजनों में नाराजगी दिखी। कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुए। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में सैनिकों के परिजनों को सिर्फ अस्थि कलश दिए गए थे। इस तरह उसकी पूरी कोशिश गलवान के सच को दबाने की थी लेकिन ताजा तस्वीर ने एक बार फिर उसकी पोल खोल दी है।

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