Galwan Valley Clash: चीन ने 94 द‍िन बाद माना गलवान घाटी हिंसा का सच पर उसमें भी दिखाई चालाकी

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हाइलाइट्स:

  • राजनाथ सिंह के गलवान घाटी हिंसा को लेकर दिए बयान पर चीन का सरकारी भोपू तिलमिला उठा है
  • ग्‍लोबल टाइम्‍स के एडिटर ने दावा किया कि इस हिंसा में भारत से कम चीनी सैनिकों की मौत हुई थी
  • इससे पहले राजनाथ सिंह ने कहा था कि गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों ने चीन को मुंहतोड़ दिया था

पेइचिंग
लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के गलवान घाटी हिंसा को लेकर दिए बयान पर चीन का सरकारी भोपू ग्‍लोबल टाइम्‍स तिलमिला उठा है। चीनी सैनिकों की मौत पर चुप्‍पी साधने वाले ग्‍लोबल टाइम्‍स के एडिटर हू शिजिन ने दावा किया कि इस हिंसा में भारत से कम चीनी सैनिकों की मौत हुई थी। इससे पहले राजनाथ सिंह ने कहा था कि गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों ने चीन को मुंहतोड़ दिया था और बड़ी संख्‍या में चीनी जवानों को मार गिराया था।

ग्‍लोबल टाइम्‍स के एडिटर ने कहा, ‘जहां तक मुझे पता है, 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों की भारत के 20 सैनिकों के मुकाबले कम मौत हुई थी। किसी भी चीनी सैनिक को भारत ने पकड़ा नहीं था, जबकि पीएलए ने उस दिन कई भारतीय सैनिकों को पकड़ लिया था।’ बता दें कि भारतीय और अमेरिकी अनुमान के मुताबिक 40 से अधिक चीनी सैनिक इस हिंसा में मारे गए थे। हू शिजिन ने आरोप लगाया कि भारतीय जवानों ने बिना चेतावनी दिए ही उन पर हमला बोला था जिससे संघर्ष हुआ।

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चीनी मीडिया का दावा, पीएलए ने पैंगोंग में भी बनाई बढ़त
इस दावे के बीच हू शिजिन ने माना कि गलवान हिंसा के दौरान कुछ चीनी सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी लेकिन उन्‍होंने ठीक-ठीक संख्‍या नहीं बताई। उन्‍होंने दावा किया कि संघर्ष के दौरान कुछ भारतीय सैनिक भाग गए और कुछ ने आत्‍मसमर्पण कर दिया। ग्‍लोबल टाइम्‍स के एडिटर ने यह भी दावा किया कि पैंगोंग झील इलाके में भी चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों को ऊंचाई वाले इलाकों से हटा दिया है और उन्‍होंने गतिरोध वाली कई जगहों पर बढ़त हासिल कर ली है।


हू शिजिन ने कहा कि भारत चीन के बारे में अपनी समझ की फिर से समीक्षा करे और हम अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए करारा जवाब देंगे। अगर भारत सीमा के मुद्दे पर हमला करना चाहता है तो उसे बिना कोई लाभ हुए भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्‍होंने कहा कि चीनी सेना ने भारत से लगती सीमा पर अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है। अगर भारत ने उकसावे की कार्रवाई की तो पीएलए उसे भारी नुकसान पहुंचा सकती है। भारत के पास अब केवल एक ही विकल्‍प है कि वह बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाए।

राजनाथ बोले, गलवान में पीएलए को तगड़ा जवाब दिया
इससे पहले रक्षा मंत्री ने कहा था कि भारतीय सैनिकों ने 15 जून को गलवान में पीएलए को तगड़ा जवाब दिया। जवानों ने इन सभी घटनाओं के दौरान जहां संयम दिखाना था, वहां संयम दिखाया और जहां शौर्य की जरूरत थी वहां शौर्य दिखाया। रक्षा मंत्री ने राज्‍यसभा से चीन को साफ संदेश दिया। उन्‍होंने कहा कि भारत बातचीत का पक्षधर है मगर झुकने वालों में से नहीं है। सिंह ने कहा कि चीन ने सीमा पर जवानों की भारी तैनाती की है और गोला-बारूद जुटाए हैं। भारतीय सेना ने भी काउंटर डिप्‍लॉयमेंट्स किए हैं। उन्‍होंने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत की सुरक्षा के लिए चाहे जितना कड़ा कदम उठाना पड़े, हम उठाने को तैयार हैं।



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