Happy Birthday Ashok Kumar: जब अशोक कुमार को देखने के लिए राजकपूर की पत्नी ने उठा लिया था घूंघट

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रूपेश झा
13 अक्टूबर का दिन भागलपुर वासियों के यादगार है क्योंकि आज के दिन बॉलिवुड में दादा मुनि के नाम से मशहूर अभिनेता अशोक कुमार का जन्मदिवस है। एक तरफ जहां ये तारीख अशोक कुमार के जन्मदिन के लिए जानी जाती है तो अक्टूबर की 13 तारीख उनके भाई किशोर कुमार की मौत के लिए याद दिलाती है। किशोर कुमार का बचपन का नाम आभास कुमार गांगुली था। दुनिया 13 अक्टूबर को अशोक कुमार के जन्मदिवस के लिए याद करती है। जबकि किशोर कुमार को इसी तारीख पर दुनिया से अलविदा कहने के लिए याद करती है।

अशोक कुमार के सहारे भाई किशोर को बॉलीवुड में मिली एंट्री
यह कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि अशोक कुमार हिन्दी सिनेमा में किशोर कुमार से पहले स्थापित हो चुके थे। वहीं, किशोर कुमार ने अपने कठिन परिश्रम और एकाग्रता के साथ खुद को स्थापित किया था। अशोक कुमार का जन्म 13 अक्टूबर 1911 को बिहार के भागलपुर में हुआ था। इनका बचपन का नाम कुमुदलाल गांगुली था और इन्हें प्यार से इंडस्ट्री में लोग दादा मुनि यानी बड़ा भाई कहते थे। इनका निधन 10 दिसंबर 2001 को मुंबई में हो गया। जबकि किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को भागलपुर में ही हुआ था। वह भाई अशोक किशोर को बेहद ही प्यार करते थे। लेकिन दुर्भाग्यवश किशोर कुमार की मृत्यु 13 अक्टूबर 1987 को हो गई। इसके बाद अशोक कुमार सदमे में चले गए। वहीं, अगर बॉलिवुड में करियर की बात करें तो किशोर कुमार न सिर्फ एक बेहतरीन गायक थे बल्कि शानदार अभिनेता, डायरेक्टर, प्रॉड्युसर, म्यूजिक डायरेक्टर, लिरिसिस्ट और अन्य मामलों में भी प्रतिभा के धनी थे। जानकारी के अनुसार, किशोर कुमार कभी भी अभिनय की दुनिया में नहीं जाना चाहते थे। अभिनेता अशोक कुमार अपने छोटे भाई किशोर को अभिनेता बनाने को उतावले थे। ऐसे में अशोक कुमार को काफी मशक्कत करनी पड़ी। किशोर कुमार हमेशा कुछ बहाना बनाकर शूटिंग से निकलने में माहिर थे। किशोर कुमार को एक बार फिल्म भाई-भाई के लिए शूटिंग करनी थी। अशोक कुमार सामने थे तो इस बार किशोर कुमार की कोई तरकीब काम नहीं आई। किशोर कुमार ने नाटक करते हुए कहा कि वह फिल्म के डायलॉग भूल गए हैं। फिर क्या था अशोक कुमार ने किशोर कुमार के दोनों पैरों को अपने पैरों पर रखकर उन्हें शूटिंग करवाया था।

अशोक कुमार

अभिनेता के बदले तकनीशियन बनना अशोक कुमार की ख्वाहिश थी
फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता अशोक कुमार का नाम आदर भाव से लिया जाता है। अशोक कुमार की फैन फॉलोइंग काफी तगड़ी थी। काफी लंबे समय तक उन्होंने इंडस्ट्री में काम भी किया। अशोक कुमार का करियर भी काफी दिचस्प था। जानकारों की मानें तो अशोक कुमार इंडस्ट्री में काम तो करना चाहते थे लेकिन अभिनेता नहीं तकनीशियन के रूप में। कारण था कि अशोक कुमार के बहनोई साशाधर मुखर्जी ने मुंबई में बॉम्बे टॉकीज में ऊंचे पद पर कार्यरत थे। शुरुआती दिनों में अशोक कुमार ने लैब तकनीशियन के रूप में काम भी किया था।

किशोर कुमार का दावा एक दिन वह भाई अशोक से भी बड़े स्टार बनेंगे
किशोर कुमार के करीबियों के लिखे एक लेख की बात करें तो एक दिन किशोर कुमार को लंबे समय तक काम करने के बाद भी उम्मीद के अनुरूप कामयाबी नहीं मिलने का एहसास हुआ। जबकि उनके बड़े भाई स्टार बन चुके थे। यहां तक कि भावना में वह रोने लगे थे। इसी दौरान उन्होंने भाई अशोक से बड़ा स्टार बनने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने ऐक्टिंग के बदले गायकी में किस्मत आजमाना शुरू कर दिया। ऐसे में उनकी किस्मत एकाएक बदल गई। किशोर कुमार ने एसडी वर्मन के लिए 112 गाने गए और उनका सफर आखिरी दिनों तक जारी रहा। किशोर कुमार को बतौर गायक 1948 में बॉम्बे टाकीज कि फिल्म जिद्दी में सहगल के अंदाज में ही अभिनेता देवानंद के लिए ‘मरने की दुआएं क्यों मांगू’ गाने का मौका मिला। इसी कड़ी में ‘रूप तेरा मस्ताना’ गाने में किशोर कुमार को बतौर गायक फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था। किशोर कुमार अक्सर कहा करते थे ‘दूध जलेबी खाएंगे खंडवा में बस जाएंगे।’ किशोर कुमार ने चार शादियां की थीं। पहली पत्नी बंगाल की अभिनेत्री रूमा घोष थी। इसके बाद मधुबाला के साथ शादी की लेकिन मधुबाला का पहला और आखिरी प्यार दिलीप साहब ही रहे। इसके बाद मतभेद हुआ किशोर कुमार ने योगिता बाली से शादी की। यह शादी भी दो साल तक चली। इसके बाद उन्होंने लीला चंदवरकर से शादी की।

अशोक कुमार

अशोक कुमार

अशोक कुमार को देखने के लिए राजकपूर कि पत्नी ने घूंघट उठा लिया था
राजकपूर के शादी के बाद यानी कि 1946 में मंच पर राजकपूर और उनकी पत्नी कृष्णा कपूर मंच पर बैठी थी। इसी दौरान वहां अभिनेता अशोक कुमार पहुंचे। इसके बाद इन्हें देखने के लिए कृष्णा कपूर ने अपना घूंघट उठा लिया था। फिर किया था इसके बाद राजकपूर ने अपनी पत्नी के समक्ष कड़ी नाराजगी दिखाई थी।

भागलपुर में अशोक कुमार के परिजनों ने एनबीटी से अपनी यादें साझा कीं
भागलपुर में अशोक कुमार के परिजनों ने एनबीटी से कुछ सुनी और सुनाई यादें साझा कीं। इसी कड़ी में गौतम सरकार ने बताया कि अशोक कुमार बचपन से ही अपने मामा के साथ ड्रामा किया करते थे। उन्होंने कहा कि उनके मामा उस समय के जाने माने ड्रामा कलाकार हुआ करते थे।



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