Hyderabad Chunav Result News: अगर तीसरे नंबर पर भी रही तो भी हैदराबाद का किला क्यों जीत जाएगी बीजेपी, समझें

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हाइलाइट्स:

  • हैदराबाद निकाय चुनाव के नतीजे बीजेपी के लिए मिशन दक्षिण को देगी मजबूती
  • गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद नगर निगम चुनाव में किया था जोरदार प्रचार
  • बता दें कि पिछले चुनाव में टीआरएस में जीता था नगर निगम चुनाव, इसबार भी आगे

नई दिल्ली
ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) चुनाव के दौरान पूरी ताकत झोंकने वाली बीजेपी के लिए इसके नतीजे काफी मायने रखने वाले हैं। हैदराबाद नगर निगम में 150 सीटें हैं। पिछले चुनाव में बीजेपी को महज 4 सीटें ही मिली थी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसबार बीजेपी तीसरे नंबर भी रहती है तो उसके लिए यह हैदराबाद का किला जीतने के समान होगा।

रुझानों में TRS आगे, बीजेपी तीसरे नंबर पर
GHMC चुनाव के रुझानों में पोस्टल बैलेट की गिनती में आगे निकली बीजेपी बैलेट पत्रों की गिनती में फिलहाल 22 सीटों पर आगे चल रही है। TRS 57 सीटों पर आगे है जबकि असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM 31 सीटों पर आगे चल रही है। इस चुनावों के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज नेताओं ने प्रचार किया था।

हैदराबाद निकाय के जरिए दक्षिण के किले को मजबूत करेगी बीजेपी
हैदराबाद निकाय चुनाव में बीजेपी ने जबरदस्त प्रचार किया था और बड़े नेताओं की फौज उतार दी थी। विशेषज्ञों का कहना है कि भगवा दल इसबार यहां अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। पिछले चुनाव में महज 4 सीटें जीतने वाली बीजेपी अगर यहां 20-25 सीटें भी जीत जाती है तो उसके लिए राज्य में बड़ी उपलब्धि होगी। पिछले चुनाव में टीआरएस को 99 सीटें मिली थी जबकि असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की AIMIM को 44 सीटों पर जीत मिली थी।

बीजेपी ने हैदराबाद पर क्यों लगाया है दांव?
हैदाराबाद के इलाके में विधानसभा की 24 सीटें आती हैं जबकि 5 लोकसभा सीट है। बीजेपी को यहां दक्षिण के किले में बड़ी उम्मीद जीत रही है। 82 लाख की आबादी वाला यह क्षेत्र तेलंगाना में बीजेपी की भविष्य की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों में बीजेपी के पास महज 2 सीट है जबकि 17 लोकसभा सीटों में से उसके 4 सांसद हैं।

शाह का मिशन दक्षिण में तेलंगाना की अहम भूमिका
दक्षिण भारत अभी भी बीजेपी के लिए मुश्किल चुनौती सरीखा बना हुआ है। एक कर्नाटक को छोड़ दें तो आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल में बीजेपी का प्रभाव अधिक नहीं है। अपने दम पर बीजेपी खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी है। चुनावों में अन्य दलों के साथ गठबंधन करके ही बीजेपी कुछ सीटों पर जीत दर्ज कर पाती है। इसलिए GHMC के चुनाव में परचम लहराकर दक्षिण भारत के अभियान को मजबूत करना चाहती है। गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah News) ने इस चुनाव की रणनीति जोरदार तरीके से बनाई है। बीजेपी चीफ नड्डा ने भी कार्यकर्ताओं की फौज के साथ चुनाव किया था।

पिछले GHMC चुनाव में किसे मिले थे कितने वोट
2016 में GHMC चुनाव में टीआरएस को 43.85 फीसदी वोट मिले थे। AIMIM को 15.85 प्रतिशत वोट मिले थे। टीडीपी को इस चुनाव में 13.11 पर्सेंट वोट मिले थे। बीजेपी को GHMC चुनाव में 10.34 प्रतिशत वोट मिले थे।

विधानसभा चुनाव में बीजेपी का वोट प्रतिशत जान लीजिए
2018 के विधानसभा चुनाव में टीआरएस ने राज्य में 88 सीटें जीती थीं जबकि कांग्रेस को 21, AIMIM को 7, अन्य को 2 और बीजेपी को दो सीटें मिली थी। विधानसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य में 7.07 फीसदी वोट मिले थे जबकि टीआरएस को 47 प्रतिशत से ज्यादा, कांग्रेस को 32 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे।

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