India-China: यूं ही पंजाबी गाने नहीं बजाता चीन, सिख रेजिमेंट का बड़ा एहसान लदा है इन चीनियों पर

Spread the love


हाइलाइट्स:

  • पैगोंग झील के पास इलाके में तनाव बरकरार, सेनाएं आमने-सामने
  • पंजाबी गाने बजा रहा चीन, रेजांग ला से दूर नहीं है वो जगह
  • चुशूल ब्रिगेड हेडक्‍वार्टड मेस में रखी है लॉफिंग बुद्धा की मूर्ति
  • कांसे की घंटी भारतीय सेना ने 1995 में मंदिर को लौटा दी थी

नई दिल्ली
चीन और भारत के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है। दोनों ही देश के जवान आमने सामने डटे हुए हैं। इसी बीच चीन की एक हरकत ने सबको चौका दिया है। चीन पैंगोंग त्सो इलाके के पास पंजाबी गाने बजा रहा है। ऐसा वो क्यों कर रहा है। एक और सवाल जो दिमाग पर बार-बार दस्तक देता है कि चीनी सैनिक केवल पंजाबी गाना ही क्यों बजाते हैं।

लद्दाख में सिख सैनिकों की एंट्री
भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच जहां पर आमने-सामने हैं वो रेजांग ला-रेचिन ला रिडेलीन से दूर नहीं है। चुशुल ब्रिगेड मुख्यालय मेस में अभी भी एक सदी से अधिक सिख रेजिमेंट द्वारा जब्त की हुई लाफिंग बुद्धा की सोने की मूर्ति सहित कई कलाकृतियां हैं। ये सैनिक बॉक्सर विद्रोह को खत्म करने के लिए ये आठ राष्ट्र मिशन का हिस्सा थे। इस विद्रोह में युवा किसानों और श्रमिकों सभी वर्ग के लोग शामिल थे। तभी ब्रिटिश सेना सिख और पंजाब रेजिमेंट्स के बीच में लाई थी।

बॉक्सर सेनानियों द्वारा विदेशियों को धमकाने और बीजिंग के फॉरेन लीजन क्वार्टर में 400 विदेशियों को बंदी बनाए जाने के बाद सेना बीजिंग चली गई। 20,000 गठबंधन सैनिकों के बीजिंग पहुंचने से पहले 55 दिनों तक घेराबंदी का दौर चला और उनमें से लगभग 80,000 सैनिक ब्रिटिश सेना से थे, जिनमें से ज्यादातर सिख और पंजाब रेजिमेंट के थे। जीत के बाद एक भारतीय सिपाही ने बताया था कि ब्रिटिश सेना ने कई नागरिकों को मार डाला और महिलाओं के साथ बलात्कार किया।

सीमा विवाद के बीच मोदी सरकार ने चीनी बैंक से लिया लोन, कांग्रेस का आरोप

सेना ने लौटा दी थी घंटी
चुशुल स्थित सेना की मेस में लाफिंग बुद्धा की मूर्ति सिख सैनिकों द्वारा वापस लाई गई वस्तुओं में से एक थी। 1368-1644 Ming dynasty मिंग राजवंश की एक कांस्य की घंटी जोकि १६ में से एक ब्रिटिश जनरल ने लूटी थी। 1995 में भारतीय सेना ने बीजिंग के एक मंदिर को लौटा दी थी।

एक भारतीय सेना के कमांडर ने कहा कि यह ऐतिहासिक संदर्भ एक कारण हो सकता है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी पंजाबी, या सिख सैनिकों पर इतना ध्यान केंद्रित करती है। और यही वजह है कि चीन के सैनिक लगातार तनाव वाले इलाके में पंजाबी गाने बजाकर ये एहसास दिला रहे हैं कि चीनी और पंजाबी एक हैं। चीन की ये चाल पंजाबी सैनिकों को तोड़ने का प्रयास है।



Source link

Previous Article
Next Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *