India-China Dispute: अब डोकलाम में कुछ बड़ी तैयारी कर रहा है चीन? नई बिल्डिंग से लेकर पुराने पैदल रास्ते को कर रहा अपग्रेड

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हाइलाइट्स:

  • डोकलाम में कुछ बड़ी तैयारी कर रहा है चीन
  • चीन ने यहां अपनी कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी बढ़ाई
  • नई बिल्डिंग से लेकर पुराने पैदल रास्ते को कर रहा है अपग्रेड

नई दिल्ली
ईस्टर्न लद्दाख (Eastern Ladakh) में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (Line Of Actual Control) पर तनाव (India-China Tension) के बीच चीन ने डोकलाम (China In Doklam) के पास भी अपनी एक्टिविटी बढ़ाई है। 2017 में डोकलाम में ही भारत और चीन के बीच विवाद हुआ था और फिर 73 दिन के गतिरोध के बाद चीन के सैनिकों को पीछे हटना पड़ा था।

खुफिया सूत्रों से मिली खबर
इंटेलिजेंस एजेंसी सूत्रों के मुताबिक चीन ने जून और जुलाई में डोकलाम के पास नए निर्माण काम किए हैं। वह नॉर्थ डोकलाम (North Doklam) की जनरल एरिया में यह निर्माण काम कर रहा है। चीन इस ट्राइजंक्शन पर सिंच ला और टोरसा नाला के साथ साथ लगी दीवार पर काम आगे बढ़ा रहा है।

चीन बहुमंजिला इमारत भी बना रहा है
सूत्रों के मुताबिक चीन सिंच ला से करीब 1 किलोमीटर साउथ ईस्ट की तरफ एक बहुमंजिला इमारत भी बना रहा है। सिंच ला के पश्चिम की तरफ चोटियों पर करीब 13 इलैक्ट्रिक पोल भी देखे गए हैं। इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक यह भी जानकारी मिली है कि चीन सिंच ला से पश्चिम की तरफ एक पैदल चलने वाले रास्ते को भी अपग्रेड कर रहा है।

भारत की पूरी नजर
एलएसी पर तनाव के बीच भारत चीन की तरफ हो रही किसी भी हरकत पर पूरी नजर बनाए हुए है। पूरे एलएसी पर भारतीय सेना सतर्क है और तैनाती भी बढ़ाई गई है। ईस्टर्न लद्दाख में तो भारतीय सेना चीन की किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए तैयार है, साथ ही पूरे एलएसी पर भी सेना मुस्तैद है क्योंकि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि चीन एलएसी पर किसी और जगह भी नापाक हरकत कर सकता है और भारतीय सेना चीन को किसी भी तरह का मौका नहीं देना चाहती।

2017 में चला था विवाद
डोकलाम के पास 2017 में चीन ने सड़क बनाने की कोशिश की थी जिसे भारतीय सैनिकों ने तुरंत रुकवा दिया। चीन जिस जगह पर सड़क बना रहा था वह भूटान का इलाका है। भूटान के साथ हुए समझौते के तहत भारत भूटान की संप्रुभता की रक्षा में मदद करता है। डोकलाम एक ट्राई जंक्शन है जहां भारत, चीन और भूटान की सीमा मिलती है। यह सामरिक रूप से अहम है क्योंकि अगर चीन इस इलाके में आगे आता है तो भारत के पूर्वी इलाके के लिए दिक्कत हो सकती है।



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