India China Dispute: हिंद महासागर क्षेत्र में घुसा चीनी पोत, भारतीय नौसेना के डर से वापस लौटा

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नई दिल्ली
पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर तनातनी के बीच चीनी युआन वांग-श्रेणी के एक अनुसंधान पोत ने पिछले महीने मलक्का जलसंधि से हिंद महासागर क्षेत्र में प्रवेश किया था। क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोतों द्वारा लगातार इसे ट्रैक किया गया था। भारतीय नौसेना के जहाजों की लगातार निगरानी में रहने के बाद कुछ दिनों पहले यह जहाज चीन लौट गया। इसके बाद से ही इस चीनी पोत के ऊपर भारतीय नौसेना की तरफ से तैनात किए गए युद्धपोत से इस पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।

हिंद महासागर में ताकत बढ़ा रहा है चीन
चीन लगातार हिंद महासागर में अपनी मजबूती बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की सेना की बढ़ती मौजूदगी के मद्देनजर नौसेना अपनी क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वैश्विक नौसेना विश्लेषकों के मुताबिक चीन के पास 50 से ज्यादा पनडुब्बी और करीब 350 पोत हैं। अगले 8-10 साल में जहाजों और पनडुब्बियों की संख्या 500 से ज्यादा हो जाएगी।

भारत भी बढ़ा रहा समुद्री ताकत
नौसेना के लिए 6 पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण के वास्ते 55,000 करोड़ रुपए की वृहद परियोजना की निविदा प्रक्रिया अक्टूबर तक शुरू होने वाली है। चीन की नौसेना की बढ़ती ताकत के मद्देनजर ये पनडुब्बियां भारत की सामरिक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। रणनीतिक भागीदारी मॉडल के तहत भारत में इन पनडुब्बियों का निर्माण होगा। इसके तहत घरेलू कंपनियों को देश में अत्याधुनिक सैन्य उपकरण निर्माण के लिए विदेशी रक्षा कंपनियों से करार की अनुमति होगी और आयात पर निर्भरता घटेगी। सूत्रों ने बताया कि परियोजना के संबंध में आरएफपी (अनुरोध प्रस्ताव) जारी करने के लिए पनडुब्बी की विशिष्टता और अन्य जरूरी मानदंड को लेकर रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना की अलग-अलग टीमों द्वारा काम पूरा हो चुका है।



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