Indian Army: सेना के जवानों को होगा हजारों का फायदा, छठे वेतन आयोग में क्वॉर्टर के बदले कंपनसेशन में गड़बड़ी हुई दूर

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हाइलाइट्स:

  • हजारों सैनिकों को होगा हजारों का फायदा
  • छठे पे कमिशन की गड़बड़ियां हुई दूर
  • जिन सैनिकों को क्वॉर्टर के बदले कंपनसेशन नहीं मिल पाया था वह अब मिलेगा


नई दिल्ली
इंडियन आर्मी के हजारों सैनिकों को अब वह फायदा मिलेगा जो उन्हें छठे पे कमिशन में हुई गड़बड़ी की वजह से पहले नहीं मिल पाया था। सैनिकों को जनवरी 2006 से जून 2017 तक यानी 11 सालों तक क्वॉर्टर के बदले कंपनसेशन (सीआईएलक्यू) नहीं मिल पाया था। अब आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (एएफटी) के एक फैसले के बाद सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

इंडियन आर्मी के सैनिक अब जनवरी 2006 से लेकर 30 जून 2017 के बीच का कंपनसेशन क्लेम कर सकते हैं। इससे इंडियन आर्मी में नायक से लेकर हवलदार के पद पर रहे सैनिकों को एक कार्यकाल यानी दो साल का ही करीब 9600 रुपये और हवलदार से लेकर नायब सूबेदार तक एक कार्यकाल का ही 19200 रुपये कंपनसेशन मिलेगा।

इंडियन आर्मी के एक अधिकारी के मुताबिक 2006 से जब छठा पे कमिशन लागू हुआ उसमें कुछ गड़बड़ियों की वजह से इंडियन आर्मी के सैनिकों को क्वॉर्टर के बदले कंपनसेशन (सीआईएलक्यू) नहीं मिल पा रहा था। क्योंकि सैलरी के आधार पर मिलने वाले कुछ ही अलाउंस का जिक्र सरकारी पत्र में किया गया। इसमें सीआईएलक्यू का जिक्र नहीं था जो सैलरी के अपग्रेड होने के साथ ही अपग्रेड होता है यानी सैलरी से जुड़ा हुआ था। हालांकि इंडियन एयरफोर्स और इंडियन नेवी के सैनिकों को यह मिलता रहा।

इंडियन आर्मी ने 2011 में मॉडिफाईड अश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम (एमएसीपीएस) लागू की। जिसके मुताबिक इंडियन आर्मी में जवान को सर्विस के 8 साल हो जाने पर प्रमोशन हुए बिना भी नायक की सैलरी मिलेगी साथ ही सैलरी से जुड़े सभी फायदे मिलेंगे। इसी तरह 16 साल की सर्विस में हवलदार और 24 साल की सर्विस में नायब सूबेदार की सैलरी मिलेगी। सैलरी अपग्रेडेशन के साथ ही क्वॉर्टर के बदले कंपनसेशन (सीआईएलक्यू) भी बढ़ जाता। लेकिन छठे पे कमिशन से यह इंडियन आर्मी के सैनिकों को नहीं मिल पाया।

हालांकि सातवें पे कमशिन में इसे एचआरए से जोड़ दिया गया यानी 1 जुलाई 2017 से सीआईएलक्यू की जगह एचआरए मिलने लगा। लेकिन हजारों सैनिकों को 2006 से 30 जून 2017 तक सीआईएलक्यू नहीं मिल पाया।एक पूर्व सैनिक भूपेंद्र सिंह ने यह मामला एएफटी में उठाया और ट्रिब्यूनल ने फैसला दिया कि इंडियन आर्मी के सैनिकों को अपग्रेडेड सीआईएलक्यू दिया जाए। इसके बाद इसी महीने के पहले हफ्ते में सरकार ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया। अब इंडियन आर्मी के सैनिक 2006 से 30 जून 2017 के बीच का सीआईएलक्यू क्लेम कर सकते हैं।



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