Johnson & Johnson की Coronavirus Vaccine की एक खुराक ने पैदा किया था मजबूत इम्यून रिस्पॉन्स

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वॉशिंगटन
जॉनसन ऐंड जॉनसन की एक्सपेरिमेंटल कोरोना वायरस वैक्सीन की एक खुराक मजबूत इम्यून रिस्पॉन्स पैदा करने में कामयाब रही है। वैक्सीन के शुरुआती चरण के नतीजे शुक्रवार को प्रकाशित किए गए। Ad26COV2S की दो अलग-अलग खुराकों को टेस्ट किया गया था। कंपनी की वैक्सीन इसलिए खास है क्योंकि दूसरी कंपनियों की वैक्सीनों की दो बार दिए जाने की जरूरत पड़ सकती है।

पाई गईं ऐंटीबॉडी
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि क्या बुजुर्गों पर भी वैक्सीन का वैसा ही असर होगा, जैसा युवाओं पर हुआ। अमेरिका की सरकार के साथ किए गए ट्रायल में करीब 1,000 स्वस्थ्य लोगों को शामिल किया गया। इससे पहले जुलाई में बंदरों पर एक ही खुराक सफल पाई गई थी। रिसर्चर्स का कहना है कि वैक्सीन दिए जाने के 29 दिन बाद 98% वॉलंटिअर्स में वायरस को न्यूट्रलाइज करने वाली ऐंटीबॉडी पाई गईं।

Johnson & Johnson की खास कोरोना वैक्सीन का आखिरी चरण का ट्रायल शुरू

साल के अंत तक आ सकते हैं नतीजे
कंपनी का कहना है कि स्टडी के पूरा होने के बाद वैक्सीन के सही असर और सुरक्षा के बारे में जानकारी मिल सकेगी। शुरुआती नतीजों के आधार पर बुधवार से कंपनी ने 60 हजार लोगों पर तीसरे चरण का ट्रायल शुरू कर दिया है। ये ट्रायल अमेरिका के अलावा दक्षिण अफ्रीका, अर्जंटीना, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, मेक्सिको और पेरू में हो रहे हैं। इसके नतीजे इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक आ सकते हैं।

इसलिए वैक्सीन है खास
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही कंपनी की वैक्सीन दूसरे कैंडिडेट्स से पीछे हो, इसके दूसरे फायदे हो सकते हैं। सबसे बड़ा फायदा है कि इसे सबजीरो तापमान में स्टोर करने की जरूरत नहीं है। इसकी दो नहीं, सिर्फ एक खुराक को दिए जाने से इम्यूनिटी विकसित हो सकती है। कंपनी के चीफ साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. पॉल स्टॉफल का कहना है कि साल के अंत तक यह पुष्ट किया जा सकेगा कि वैक्सीन कितनी सुरक्षित और असरदार है।

सांकेतिक तस्वीर



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