Kisan Andolan: बीजेपी का विपक्ष पर हल्ला बोल, वजूद बचाने के लिए किसी भी विरोधी आंदोलन में हो जाते हैं शामिल

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हाइलाइट्स:

  • किसान आंदोलन पर विपक्ष के हमले पर बीजेपी का पलटवार
  • बीजेपी का आरोप वजूद बचाने के लिए किसी भी विरोधी आंदोलन में हो जाते हैं कांग्रेस-NCP शामिल
  • बता दें कि केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ किसान 12 दिन से कर रहे हैं आंदोलन

नई दिल्ली
केंद्र की बीजेपी के नेतृत्व वाली एडीए सरकार ने किसान आंदोलन (Kisan Anodlan) पर विपक्ष पर दोहरा चरित्र का आरोप लगाते हुए घेरा है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल दोहरा रवैया अपना रहे हैं। एक वक्त कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार APMC ऐक्ट में बदलाव की मांग कर रही थी अब वही कांग्रेस किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है।

किसानों की जमीन पूरी तरह सुरक्षित
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि किसानों की जमीन नए कानून में पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा, ‘ये पूरा कानून किसानों के लिए सहूलियत देता है और भरोसा करता है। किसानों की जमीन पूरी तरफ सुरक्षित है। दोहरा चरित्र और दोहरा रवैया विपक्षी दल अपना रहे हैं।’

कांग्रेस, NCP पर जमकर बोला हमला

प्रसाद ने कहा कि आज हम विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, NCP और उनके सहयोगी दलों के शर्मनाक दोहरे चरित्र को देश के सामने बताने आए हैं। आज जब इनका राजनीतिक वजूद खत्म हो रहा है तो अपना वजूद बचाने के लिए ये किसी भी विरोधी आंदोलन में शामिल हो जाते हैं। जब शरद पवार कृषि मंत्री थे तो उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर में निजी क्षेत्र की भागीदारी को लेकर पत्र लिखा था। प्रसाद ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने 2019 के चुनाव में अपने चुनाव घोषणा पत्र में साफ-साफ कहा है कि एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट एक्ट को समाप्त करेगी और किसानों को अपनी फसलों के निर्यात और व्यापार पर सभी बंधनों से मुक्त करेगी।”

शरद पवार पर क्‍या बोली बीजेपी?

शरद पवार जब देश के कृषि और उपभोक्ता मामलों के मंत्री थे तो उन्होंने देश के सारे मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी। जिसमे उन्होंने लिखा था कि मंडी एक्ट में बदलाव जरूरी है, प्राइवेट सेक्टर का आना जरूरी है, किसानों को कहीं भी अपनी फसल बेचने का अवसर मिलना चाहिए। आज जो हमने काम किया है,8-9 साल पहले मनमोहन सिंह जी की सरकार ये कर रही थी, 2005 में शरद पवार ये बोल रहे थे। जिस समय शरद पवार ये बोल रहे थे कि अगर आप सुधार नहीं करोगे तो हम वित्तीय समर्थन देना बंद कर देंगे। उस समय मनमोहन सिंह जी की सरकार का समर्थन सपा, RJD, CPI और अन्य दल कर रहे थे।

रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री


केजरीवाल पर भी बोला हमला

प्रसाद ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने 23 नवंबर 2020 को नए कानून (कृषि कानून) को नोटिफाई करके दिल्ली में लागू कर दिया है। इधर आप विरोध कर रहे हैं और उधर आप गजट निकाल रहे हैं। यह दोहरा चरित्र दिखाता है।

प्रसाद ने कहा कि किसान आंदोलन के नेताओं ने साफ-साफ कहा है कि राजनीतिक लोग हमारे मंच पर नहीं आएं। हम उनकी इन भावनाओं का सम्मान करते हैं। लेकिन ये सभी कूद रहे हैं, क्योंकि इन्हें बीजेपी और नरेन्द्र मोदी का विरोध करने का एक और मौका मिल रहा है।



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