LAC पर तनाव को लेकर भारत-चीन के बीच हुई 18वीं WMCC बातचीत, विदेश मंत्रालय बोला- दोनों पक्ष कंपलीट डिसइंगेजमेंट पर सहमत

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हाइलाइट्स:

  • भारत और चीन के बीच गुरुवार को WMCC की 18वीं बैठक हुई
  • विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्ष बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए
  • विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए बॉर्डर एरिया में शांति जरूरी

नई दिल्ली
पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी तनाव के बीच गुरुवार को दोनों देशों के वर्किंग मकैनिज्म फॉर कंसल्टेशन ऐंड को-ऑर्डिनेशन (WMCC) यानी विचार-विमर्श और समन्वय तंत्र की 18वीं बैठक हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक बैठक में दोनों पक्ष कंपलीट डिसइंगेजमेंट की दिशा में आगे बढ़ने पर फिर सहमत हुए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्ष WMCC की मीटिंग समेत बातचीत के मौजूदा तंत्र को जारी रखने पर सहमत हुए।

श्रीवास्तव ने बताया, ‘आज WMCC की 18वीं बैठक हुई। दोनों पक्षों ने सीमाई इलाकों के मौजूदा हालात पर खुले दिल से और गहराई से बातचीत की।’ उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रियों के बीच जो सहमति बनी है, उसी हिसाब से दोनों पक्ष वेस्टर्न सेक्टर में एलएसी पर कंपलीट डिसइंगेजमेंट की दिशा में काम जारी रखने पर सहमत हैं। प्रवक्ता ने बताया कि दोनों पक्ष लंबित मुद्दों पर मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल्स के हिसाब से तेजी से काम करने पर सहमत हैं।

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श्रीवास्तव ने आगे कहा, ‘दोनों पक्षों में समझौता है कि बॉर्डर एरिया में शांति की बहाली द्विपक्षीय संबंधों के लिए बहुत ही जरूरी है। वे WMCC बैठकों समेत मौजूदा सभी बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमत हैं।’

कुलभूषण जाधव के मामले पर श्रीवास्तव ने कहा कि भारत डिप्लोमैटिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान के संपर्क में है और इस्लामाबाद को बिना किसी बाधा के कॉन्सुलर ऐक्सेस मुहैया कराना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हम डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए पाकिस्तान के संपर्क में हैं। हम स्वतंत्र और निष्पक्ष ट्रायल में यकीन करते हैं। हमने कुलभूषण जाधव केस में इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के फैसले को ध्यान में रखते हुए मांग की है कि जाधव का प्रतिनिधित्व कोई भारतीय वकील करे।’

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पाकिस्तान को मुख्य मसलों पर जरूरी कदम उठाने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान को मुख्य मुद्दों पर जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। इन मुद्दों में प्रासंगिक दस्तावेजों की व्यवस्था करना और कुलभूषण जाधव तक अबाधित राजनयिक पहुंच मुहैया कराना शामिल है।’

नेपाल के साथ हाल में हुई ओवरसाइट मकैनिज्म मीटिंग को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह बैठक हमारी नियमित चर्चाओं का हिस्सा थी।



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