Mumbai: चार साल की बच्ची को नहीं सिखाया जा सकता बयान…. कोर्ट ने रेप के आरोपियों को दी 20 साल की सजा

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हाइलाइट्स:

  • 20 साल के दो युवकों और एक नाबालिग ने बच्ची को बनाया हवश का शिकार
  • 2018 को हुई इस घटना के केस पॉक्सो कोर्ट में चल रहा था
  • कोर्ट ने आरोपियों को दी 20 साल की सजा, नहीं मानी आरोपियों की दलील
  • आरोपियों ने कहा कि बच्ची झूठ बोल रही है, उन्होंने अपनी युवा उम्र का भी हवाला दिया
  • कोर्ट ने की सख्ती टिप्पणी और दी सजा, कहा- आरोपियों को बड़ा भाई मानती थी बच्ची, घोंटा विश्वास का गला

मुंबई
मुंबई की कोर्ट ने एक 20 वर्षीय छात्र समेत दो को बीस साल की सजा सुनाई है। यह सजा उसे एक बच्ची का यौन शोषण करने के मामले में पॉस्को कोर्ट ने दी गई है। घटना 2018 की है, तब बच्ची की उम्र तीन वर्ष थी। कोर्ट ने कहा कि

आरोपी बच्ची के पड़ोस में रहता था। 20 नवंबर 2018 को उसने बच्ची के साथ यौन शोषण किया। आरोपी का दोस्त पूरी घटना देखता रहा। आरोपी की दोस्त ने भी बच्ची को बुरी नियत से छुआ। तीसरा आरोपी जो नाबालिग था उसने भी बच्ची का यौन शोषण करने का प्रयास किया।

इस केस के ट्रायल के दौरान बच्ची, उसकी मां और बच्चा गवाह बने। उन्होंने बताया कि बच्ची को उन लोगों ने बिल्डिंग के कॉमन पैसेज में पाया था। तीनों आरोपी भी वहां थे।

युवक ने उम्र का दिया हवाला
आरोपी ने अपनी युवा उम्र का हवाला देते हुए, कोर्ट से राहत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने उसे कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा, ‘किसी भी उम्र का व्यक्ति तार्किक स्पष्टीकरण या तर्क दे सकता है। अगर इस आधार पर फैसला हो तो किसी भी आरोपी को दोषी करार देते हुए कैद की सजा देना संभव नहीं होगा।’

विश्वास का उठाया गलत फायदा
कोर्ट ने कहा कि तीन साल की बच्ची आरोपी को दादा (बड़ा भाई) कहती थी। वह बड़ा भाई मानकर उसके ऊपर भरोसा करती थी। आरोपी ने उसके विश्वास का गलत फायदा उठाया और उसे अपनी हवस का शिकार बनाया।



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