Svamitva scheme: स्‍वामित्‍य योजना क्‍या है? जानिए प्रॉपर्टी कार्ड से आपको कैसे होगा फायदा

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हाइलाइट्स:

  • पंचायती राज मंत्रालय के तहत है ‘स्‍वामित्‍व’ योजना, बनेंगे आवासीय जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड्स
  • ड्रोन से गांव का सर्वे करके बनेगा डिजिटल मैप, कितना बड़ा है घर प्रॉपर्टी कार्ड में होगा ब्‍योरा
  • अधिकांश गांवों में घरों के मालिकाना हक के कागज नहीं, यह योजना देगी मालिकाना हक
  • प्रॉपर्टी कार्ड का इस्‍तेमाल बैंक से कर्ज लेने में भी, राज्‍य सरकारें बनाकर डिलिवर करेंगी

नई दिल्‍ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘स्‍वामित्‍व’ योजना के तहत बने प्रॉपर्टी कार्ड्स बांटेंगे। पीएम मोदी के बटन दबाते ही देशभर के करीब एक लाख प्रॉपर्टी मालिकों को एक SMS जाएगा। उसमें एक लिंक होगा जिसपर क्लिक कर वह अपना प्रॉपर्टी कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद, राज्‍य सरकारें असल कार्ड लोगों को बांटेंगी। फिलहाल जिनके कार्ड बन गए हैं, उनमें उत्‍तर प्रदेश के 346 गांव, हरियाणा के 221 गांव, महाराष्‍ट्र के 100, उत्‍तराखंड के 50 और मध्‍य प्रदेश के 44 गांव शामिल हैं। मगर इन कार्ड से गांव के लोगों को क्‍या फायदा होगा और ‘स्‍वामित्‍य योजना’ आखिर है क्‍या, आइए समझते हैं।

क्‍या है ‘स्‍वामित्‍व’ योजना?
केंद्र सरकार की यह योजना राष्‍ट्रीय पंचायती दिवस (24 अप्रैल), 2020 को लॉन्‍च की गई थी। पंचायती राज मंत्रालय ही इस योजना को लागू कराने वाला नोडल मंत्रालय है। राज्‍यों में योजना के लिए राजस्‍व/भूलेख विभाग नोडल विभाग हैं। ड्रोन्‍स के जरिए प्रॉपर्टी के सर्वे के लिए सर्वे ऑफ इंडिया नोडल एजेंसी है। योजना का मकसद है कि ग्रामीण इलाकों की जमीनों का सीमांकन ड्रोन सर्वे टेक्‍नोलॉजी के जरिए हो। इससे ग्रामीण इलाकों मे मौजूद घरों के मालिकों के मालिकाना हक का एक रिकॉर्ड बनेगा। वह इसका इस्‍तेमाल बैंकों से कर्ज लेने के अलावा अन्‍य कामों में भी कर सकते हैं।

ग्रैफिक: पीएमओ

क्‍यों पड़ी इस योजना की जरूरत?
देश की 60% आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है। लेकिन अधिकतर ग्रामीणों के पास अपने घरों के मालिकाना हक के कागजात नहीं हैं। अंग्रेजों के समय से ही गांवों की खेतिहर जमीन का रिकॉर्ड तो रखा गया, लेकिन घरों पर ध्‍यान नहीं दिया गया। कई राज्‍यों में गांवों के रिहाइशी इलाकों का सर्वे और मैपिंग संपत्ति के सत्‍यापन के लिहाज से नहीं हुआ। नतीजा ये हुआ कि कई घरों के संपत्ति के कागजात मौजूद नहीं हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए ‘स्‍वामित्‍व’ योजना लाई गई।

कैसे काम करेगी ‘स्‍वामित्‍व’ योजना?
‘स्‍वामित्‍व’ योजना के तहत गांवों की आवासीय भूमि की पैमाइश ड्रोन के जरिए होगी। ड्रोन से गांवों की सीमा के भीतर आने वाली हर प्रॉपर्टी का एक डिजिटल नक्‍शा तैयार होगा। साथ ही हर रेवेन्‍यू ब्‍लॉक की सीमा भी तय होगी। यानी कौन सा घर कितने एरिया में है, यह ड्रोन टेक्‍नोलॉजी से सटीकता से मापा जा सकेगा। गांव के हर घर का प्रॉपर्टी कार्ड राज्‍य सरकारें बनाएंगी।

ऐसा होगा प्रॉपर्टी कार्ड।

ऐसा होगा प्रॉपर्टी कार्ड।

क्‍या फायदा होगा?

  • प्रॉपर्टी के मालिक को उसका मालिकाना हक आसानी से मिलेगा।
  • एक बार प्रॉपर्टी कितनी है तय होने पर उसके दाम भी आसानी से तय हो पाएंगे।
  • प्रॉपर्टी कार्ड का इस्‍तेमाल कर्ज लेने में किया जा सकेगा।
  • पंचायती स्‍तर पर टैक्‍स व्‍यवस्‍था में सुधार होगा।


केंद्र सरकार को योजना से क्‍या हासिल?

  • ग्रामीण भारत में वित्‍तीय स्थिरता लाने की कोशिश।
  • प्‍लानिंग के लिए सटीक लैंड रिकॉर्ड्स उपलब्‍ध होंगे।
  • प्रॉपर्टी टैक्‍स तय करने में मदद मिलेगी।
  • सर्वे इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍सर और GIS मैप्‍स तैयार होंगे जो कोई भी विभाग यूज कर पाएगा।
  • ग्राम पंचायत विकास योजना बनाने में मदद होगी।
  • प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद और कानूनी मामले कम होंगे।



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