UNGA में इमरान के विरोध में भारतीय राजनयिक का वॉकआउट, करारा जवाब देने की तैयारी

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न्यूयॉर्क
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें अधिवेशन में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने राजनयिक हदों को पार करते हुए जमकर झूठ बोला। जिसके विरोध में उस समय कांफ्रेंस हॉल में मौजूद भारतीय राजनयिक मिजितो विनोतो ने वॉकआउट किया। किसी राष्ट्राध्यक्ष के संबोधन के पहले इस तरह के वॉकआउट को संबंधित देश का विरोध माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत से स्थायी प्रतिनिधि पीआर त्रिमूर्ति ने ट्वीट कर कहा कि हमें उत्तर देने के अधिकार का इंतजार है।

इमरान का बयान राजनयिक स्तर की निम्नता
त्रिमूर्ति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के 75वें अधिवेशन में पाकिस्तान के पीएम का बयान राजनयिक स्तर की निम्नता है। शातिर झूठ, व्यक्तिगत हमलों, युद्ध भड़काने और अपने स्वयं के अल्पसंख्यकों के पाकिस्तान के उत्पीड़न और सीमा पार आतंकवाद पर एक और झूठा मुकदमा। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में अगर किसी दूसरे देश का नाम लेकर कोई आरोप लगाया जाता है तो उस देश को प्रतिउत्तर देने का अवसर भी दिया जाता है।

पहले भी पाक की बखिया उधेड़ चुका है भारत
इस साल भारत कई बार संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान को करारा जवाब दे चुका है। कुछ दिन पहले ही भारत ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 45 वें सत्र में पाकिस्तानी आरोपों की धज्जियां उड़ा दी थी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में मां, बहन और बेटियों की दुर्दशा हो रह है और इमरान खान इसे नया पाकिस्तान कहते हैं। ऐसे पाकिस्तान में कोई जाना नहीं चाहता।

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इमरान ने पूरे समय भारत की बुराई की
इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच का कीमती समय भारत की बुराई करने में खत्म कर दी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारत की सेना पर कई झूठे आरोप भी लगाए। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि आरएसएस गांधी और नेहरू के सेक्युलर मूल्यों को पीछे छोड़ भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोशिश में लगा हुआ है।

मुसलमानों के मसीहा बनने की कोशिश में इमरान
अपने भाषण के दौरान इमरान खान मुसलमानों के मसीहा बनने की कोशिश करते नजर आए। उन्होंने दुनियाभर में मुसलमानों के खिलाफ हुए कथित अत्याचार को लेकर विरोध जताया। उन्होंने भारत पर स्टेट स्पांसर इस्लामोफोबिया फैलाने का आऱोप लगाया। उन्होंने भारत में आरएसएस का नाम लेकर मुसलमानों के खिलाफ हिंसा फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 1992 में बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया।



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