Unlock-4 News: जेब से निकालना होगा सामान… मेट्रो जब चलेगी तो बदली होंगी ये चीजें

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हालांकि कहा जा रहा है कि अगर मेट्रो परिचालन (Unlock 4 and Delhi Metro News) शुरू होता है तो इसमें कई तरह की पाबंदिया भी होंगी। दिल्ली में कोरोना के मामले (Corona Cases in Delhi) कम जरूर हुए हैं लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। ऐसे में मेट्रो यात्रियों से लेकर सुरक्षाकर्मियों तक को कई तरह के गाइडलाइंस और नियमों को मानना होगा।

1 सितंबर से चल सकती है मेट्रो

देश में कोरोना की दस्तक के बाद ऐहतियात दिल्ली मेट्रो को भी बंद कर दिया गया था। तब से लेकर अबतक दिल्ली मेट्रो को आर्थिक मोर्चे पर बहुत नुकसान हुआ है। यहां तक कि मेट्रो कर्मचारियों की सैलरी तक में कटौती का फैसला करना पड़ा है। ऐसे में अनलॉक-4 में 1 सितंबर से अगर मेट्रो को शुरू किया जाता है तो दिल्लीवासियों को लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं होगी।

कोरोना काल में मेट्रो, बदलेंगे कई नियम

हालांकि जब मेट्रो शुरू होगी, तो लोगों को कई सारे नए नियमों का पालन होगा। खासकर मेट्रो में एंट्री करते वक्त थर्मल स्कैनिंग से लेकर चेकिंग तक में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे। सीआईएसएफ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर ऑटोमैटिक थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की जा रही है।

एंट्री पॉइंट पर सैनिटाइजर की व्यवस्था

हालांकि छोटे स्टेशनों पर मैनुअल तरीके से ही स्कैनिंग की जाएगी। सभी यात्रियों को अपने फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा और एंट्री पॉइंट पर अपना स्टेटस भी दिखाना होगा। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं होंगे, उनकी थर्मल स्कैनिंग करके यह देखा जाएगा कि उन्हें मेट्रो में यात्रा की अनुमति दी जाए या नहीं। स्टेशन के एंट्री पॉइंट पर सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की जाएगी।

दूर से चेकिंग, सामान के लिए मिलेगी ट्रे

अभी तक सीआईएसएफ के कर्मचारी चेक पॉइंट पर हर यात्री की काफी नजदीक से चेकिंग किया करते थे और शक होने पर अलग से अपने हाथों से यात्री की जेब भी चेक कर लिया करते थे, मगर अब दूर से ही चेकिंग और फ्रिस्किंग की जाएगी। एयरपोर्ट की तर्ज पर अब लोगों को अपनी जेब में रखा सारा सामान किसी बैग में डालना होगा और उस बैग को स्कैनर मशीन पर रखकर उसकी चेकिंग करवानी होगी। लेकिन अगर किसी के पास बैग नहीं हुआ, तो ऐसे लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें अब एयरपोर्ट की तर्ज पर मेट्रो स्टेशनों पर भी जेब में रखा सामान चेक करवाने के लिए ट्रे मुहैया कराई जाएगी, जिसमें अपना सामान रखकर वे उसे चेक करवा सकेंगे।

बैग, लैपटॉप और एक छोटा हैंड बैग ले जाने की इजाजत

अगर कोई व्यक्ति सीधे चेक पॉइंट पर पहुंच जाता है और चेकिंग के दौरान मेटल डिटेक्टर से बीप की आवाज आती है, तो ऐसे लोगों को अपनी जेब में रखा सारा सामान अपने हाथ से निकाल कर दिखाना होगा। महिलाओं को भी जांच के दौरान अपने पर्स या बैग को खोलकर दिखाना होगा कि उसमें कोई संदिग्ध वस्तु तो नहीं रखी हुई है। एक व्यक्ति को अपने साथ केवल एक बड़ा बैग या एक लैपटॉप और एक छोटा हैंड बैग या पर्स ही साथ ले जाने की इजाजत दी जाएगी।

स्टेशन पर होगा सोशल डिस्टेंसिंग के लिए विशेष इंतजाम

स्टेशन परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। ऐसे में चेकिंग के दौरान लोगों को अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ेगा और एक-एक करके ही यात्रियों को अंदर जाने की इजाजत मिलेगी। बिना मास्क लगाए मेट्रो स्टेशन में एंट्री नहीं मिलेगी।

यात्रियों की संख्या होगी सीमित!

यात्रियों के लिए यह हिदायत रहेगी कि वे कम से कम जगहों को छुएं। लिफ्ट का इस्तेमाल केवल बेहद बुजुर्गों और विकलांगों को ही करने दिया जाएगा। चेकिंग में वक्त लगेगा और ट्रेनों में भी सीमित संख्या में ही लोगों को यात्रा करने की इजाजत होगी, ऐसे में लोगों को कम से कम आधे घंटे का एक्स्ट्रा टाइम साथ लेकर चलने के लिए कहा जाएगा।



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