US Election 2020: ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को बताया ठगों की टोली, कहा- उन्होंने गांधी प्रतिमा को भी नहीं छोड़ा

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वॉशिंगटन
अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिनिसोटा में चुनाव प्रचार के दौरान ब्लैक लाइव्स मैटर से जुड़े प्रदर्शनकारियों को ठगों की टोली करार दिया। ट्रंप ने कहा कि हिंसक प्रदर्शन में उन्होंने वॉशिंगटन में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा को भी गिरा दिया था। ट्रंप ने अपने प्रतिद्वंदी जो बाइडेन पर हमला करते हुए कहा कि अगर वह चुनाव जीते तो मिनिसोटा रिफ्यूजी कैंप बनकर रह जाएगा।

उपद्रवियों ने कई प्रतिमाओं को बनाया निशाना
मिनीसोटा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि आप जानते हैं, उन्होंने अब्राहम लिंकन की प्रतिमा को निशाना बनाया। जब उन्होंने लिंकन की प्रतिमा को निशाना बनाया तो मैंने कहा, एक मिनट रुको, यह वह व्यक्ति है और आप ऐसा कर रहे हैं, तब उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन, थॉमस जेफरसन और सभी को निशाना बनाना शुरू किया। इस क्षेत्र से ट्रंप 2016 में मिनिसोटा में 44 हजार मतों से हार गए थे।

शरारती तत्वों ने गांधी प्रतिमा को भी नहीं छोड़ा
राष्ट्रपति ट्रंप ने वाशिंगटन में लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा का जिक्र किया जिसे अज्ञात शरारती तत्वों ने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के दौरान निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि उनके पास गांधी भी थे। गांधी बस एक ही चीज चाहते हैं,वह है शांति। सही? हमारे पास शांति हैं, और उनकी प्रतिमा गिरा दी गई। हम उन्हें पसंद नहीं करते हैं मुझे नहीं लगता कि उन्हें एहसास होगा कि वे क्या कर रहे हैं। बता दें कि गांधीजी की प्रतिमा को भारतीय दूतावास ने नेशनल पार्क पुलिस और अमेरिकी विदेश मंत्रालय की मदद से फिर से स्थापित कर दिया गया है।

ठगों की टोली हैं ये प्रदर्शनकारी
उन्होंने आगे कहा कि मैं मानता हूं कि यह महज कुछ ठगों की टोली थी। आप सच जानना चाहते हैं। मैं मानता हूं यह ठगों की टोली थी। राष्ट्रपति ने इस जनसभा में उपस्थित लोगों से कहा कि उन्होंने कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें ऐसे शरारती तत्वों के लिए 10 साल की कैद का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि अब कोई प्रतिमाओं को गिराने की बात तक नहीं करता है। भारतीय दूतावास ने नेशनल पार्क पुलिस और अमेरिकी विदेश मंत्रालय की मदद से प्रतिमा पुन: स्थापित कर दी है।

जॉर्ज फ्लॉयर्ड की मौत के बाद शुरू हुए थे प्रदर्शन
गौरतलब है कि 25 मई को मिनियापोलिस में पुलिकर्मी डेरेक चाउविन ने 46 वर्षीय जॉर्ज फ्लॉयड को हथकड़ी लगा कर जमीन पर गिरा दिया था और उसके गले को घुटने से करीब आठ मिनट तक दबाए रखा जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। इस क्रम में पूरे देश में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की भी कुछ घटनाएं हुईं।



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